कन्नौज। गुरु-शिष्य का रिश्ता कलंकित करने वाले शिक्षक पर दुष्कर्म का आरोप सिद्ध होने पर फास्ट ट्रैक कोर्ट ने उसे दोषी करार दिया है। दोषी शिक्षक को सात साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला जज इंद्रजीत सिंह द्वितीय ने सुनाया। कोर्ट ने जुर्माने की आधी रकम पीड़िता को देने के निर्देश दिए हैं।
शासकीय अधिवक्ता बृजेश शुक्ला ने बताया कि मामला छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है। एक गांव की कक्षा 12 की छात्रा ने 17 फरवरी 2109 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि कस्बे में संचालित एक इंटर कॉलेज में जुलाई 2017 में कक्षा 12 में प्रवेश लिया था। बजरिया सिकंदरपुर निवासी अभय उर्फ आदित्य उर्फ धर्मेंद्र विद्यालय में शिक्षक के पद पर कार्यरत था। वह उसे कॉलेज में फिजिक्स, केमिस्ट्री और गणित पढ़ाता था। घर में भी कोचिंग पढ़ाता था। शिक्षक ने कोचिंग पढ़ने पर अच्छे नंबर से पास कराने और स्कॉलरशीप दिलाने का झांसा दिया। कहा कि पढ़ाई के दौरान शिक्षक ने स्कॉलरशीप फार्म भरवाने के बहाने उसकी मार्कशीट व बैंक खाते की पासबुक ले ली। साथ ही उसने पास कराने के नाम पर 18 हजार रुपये भी ले लिए। उसने जब पास बुक और मार्कशीट मांगी तो लगातार बहाने बनाता रहा। होली वाले दिन शिक्षक ने घर पर बुलाया। उसने चाय में नशीला पदार्थ मिलाकरबेहोश कर दिया। बेहोश होने के बाद उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान शिक्षक ने अश्लील फोटो और वीडियो भी बना लिए। शिकायत करने पर फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर डालकर बदनाम करने की धमकी दी। कहा कि उसने कोर्ट मैरिज का कागजात भी तैयार कराए। शिक्षक ने पत्नी, भाई व अन्य लोगों को उसके घर भेजकर पूरे गांव में बदनामी करा दी। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर मामला दर्ज कर जांच की और कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से पांच गवाह पेश किए गए। साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर आरोप सिद्ध होने पर शुक्रवार को फास्ट कोर्ट के जज इंद्रजीत सिंह द्वितीय ने दोषी शिक्षक अभय को सात साल कठोर कारावास की सजा सुनाई।
शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि कोर्ट ने धारा 376 में सात साल कठोर कारावास और 15 हजार रुपये, धारा 328 में पांच साल कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर एक साल अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी पड़ेगी।