कन्नौज। इंटरमीडिएट के बाद विद्यार्थी अपने कॅरियर के बारे में योजना बना लेते हैं। उसी हिसाब से वह तैयारी करते हैं। वह किसी भी क्षेत्र में जा सकते हैं।
कॅरियर काउंसलरों, वरिष्ठ शिक्षकों ने बताया कि बच्चे खुद को साबित करने में पीछे नहीं है। नई शिक्षा नीति के तहत कई वोकेशनल कोर्स शुरू हुए हैं। वहीं, बोर्ड में कई और बदलाव भी हो रहे हैं। कॅरियर काउंसलरों के मुताबिक कुछ विद्यार्थी तो पहले से ही सेल्फ स्टडी शुरू कर देते हैं।
इससे कॅरियर बनाने में दिक्कतें नहीं आती है। विद्यार्थी एयरफोर्स सहित शिक्षा के क्षेत्र में भी जाने लगे हैं। वहीं केंद्रीय विश्वविद्यालय की ओर विद्यार्थियों का रुझान बढ़ा है। वहां पढ़ाई कर विद्यार्थी आगे की राह आसानी से तय कर सकते हैं।
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बृजभूषण हजेला भारतीय इंटर कॉलेज के शिक्षक सुनील कुमार राजपूत का कहना है कि इंटरमीडिएट के बाद विद्यार्थी किसी में क्षेत्र में जा सकते हैं। वोकेशनल कोर्स कर नौकरी के अलावा स्वयं का व्यापार भी शुरू कर सकते हैं। अब ऐसा नहीं रह गया है कि उसे रोजगार न मिले। जरूरत है अपनी प्रतिभा और वक्त की जरूरत समझने की। इसके लिए छात्र-छात्राओं को पहले से तैयारी करनी चाहिए। इसमें विशेष भूमिका उनके परिजन, गुरुजन व कॅरियर काउंसलर निभा सकते हैं।
विमला देवी बृजमोहन लाला इंटर कॉलेज सरायप्रयाग अनुराग पटेल बताते हैं कि विद्यार्थी अपने आगे आने वाले व्यावसायिक जीवन के लिए योजना बनाते समय अपनी विशिष्ट क्षमताओं और रुचियों को ध्यान रखेंगे तो उन्हें सफलता जरूर मिलेगी। विद्यार्थी को अपनी रूचियों और क्षमताओं का सही आकलन कर लेना चाहिए। आगे मेडिकल और इंजीनियरिंग के साथ-साथ सीए, एनडीए, लॉ या फिर मैनेजमेंट के क्षेत्र में जाने के लिए कई विकल्प खुल जाते हैं। विद्यार्थियों व अभिभावकों को चाहिए की वह शिक्षकों व कॅरियर काउंसलर की सलाह लेकर आगे की पढ़ाई पर ध्यान दें।