तिर्वा। कस्बे में वर्ष 2010 में बना कांशीराम राजकीय पॉलिटेक्निक में छात्रों के लिए हॉस्टल अब तक नहीं बन सका है। इस वजह से गैरजनपदों से भी पढ़ने के लिए छात्रों को बाहर किराए पर कमरे लेकर रहना पड़ रहा है।
सरकार कस्बों व गांव में पॉलिटेक्निक भवन का निर्माण करा रही हैं। वर्ष 2010 में पुराने तहसील भवन के निकट राजकीय पॉलिटेक्निक का निर्माण कराया गया था। इस समय पॉलिटेक्निक में 485 विद्यार्थी पंजीकृत हैं, जिसमें 74 छात्राएं शामिल हैं। पिछले वर्ष छात्राओं का हॉस्टल तो बनकर तैयार हो गया पर 411 छात्र बाहर रहने को मजबूर हैं। छात्रों का कहना है कि अगर विद्यालय परिसर में हॉस्टल का निर्माण हो जाए तो पढ़ाई करने में आसानी हो जाएगी। खर्चे भी बचेंगे। उन्होंने बताया कि बहुत से ऐसे छात्र हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है।
प्रधानाचार्य संतोष वर्मा का कहना है कि छात्र हॉस्टल के निर्माण के लिए एक साल पहले ही शासन को 1.11 करोड़ रुपये के बजट का प्रस्ताव भेजा था। उसे अब तक मंजूरी न मिल पाने के कारण परिसर में हॉस्टल का निर्माण नहीं हो पा रहा है। बजट मिलते ही परिसर में छात्र हॉस्टल का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।