कन्नौज। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण उत्तर पश्चिम भारत में एक बार फिर मौसम बदलने के आसार बन रहे हैं। इसके कारण उत्पन्न भू-भौतिकीय परिस्थितियों के प्रभाव से निचले क्षोभ मंडल में बंगाल की खाड़ी व अरब सागर से आने वाली नमीयुक्त हवाओं से पछुआ हवा का चलना तेज हो जाएगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 19- से 21 फरवरी तक हल्की बारिश हो सकती है।
बेमौसम बारिश के अनुमान ने किसानों के लिए फिर समस्या पैदा कर दी है। कुछ दिन पहले हुई हल्की बारिश से भले ही फसलों को नुकसान नहीं हुआ, लेकिन एक बार फिर मौसम के करवट लेने की आशंका से किसान परेशान हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार नया पश्चिमी विक्षोम सक्रिय हो गया है। इसका असर पूरे उत्तर भारत पर पड़ेगा। कुछ जिलों में बारिश की आशंका है।
15 किलोमीटर की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
कृषि केंद्र अनौगी के मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरेंद्र यादव ने बताया कि रविवार को अधिकतम तापमान 29.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बादल छाए रहने की संभावना है। आगामी तीन दिन में हल्की बारिश और 15 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।