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Kannauj News: कागजों पर रफ्तार, नहीं हादसों पर लगाम

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फोटो 01- शहर के अंधा मोड़ सरायमीरा पर संकेतकों का अभाव। संवाद - फोटो : KANNAUJ
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कन्नौज। सड़क हादसों की रोकथाम के लिए अभियानों की रफ्तार कागजों पर तो बढ़ रही है पर हकीकत में नहीं। बैठकों और जागरूकता अभियान के बल पर जिम्मेदार हादसों को रोकने का दम भर रहे हैं जबकि सड़कों पर दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों पर तो संकेत और न ही रंबल ब्रेकर हैं। इस कारण जिले में हादसों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा।
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सड़क हादसों की रोकथाम के लिए राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह का अभियान मंगलवा से शुरू होकर 17 जनवरी तक मनाएगा। यह सप्ताह हर साल जोरशोर से मनाया जाता है। जिले में 2012 से सड़क हादसों में मरने वालों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा। वर्ष 2012 से 2022 तक जिले में 2058 लोगों की सड़क हादसों में मौत हो चुकी है। यह आंकड़ा दर्ज मुकदमों के आधार पर है जबकि कई हादसों की रिपोर्ट तक दर्ज नहीं हो सकी।
इन बढ़ रहे आंकड़ों से साफ जाहिर होता है कि सड़क सुरक्षा समिति, सड़क सुरक्षा जागरूकता माह से लेकर लोक निर्माण विभाग, परिवहन और पुलिस विभाग के अभियान सिर्फ कागजों में दौड़ रहे हैं। हकीकत में दुर्घटना बाहुल्य इलाकों में रिफ्लेक्टर, साइन बोर्ड, संकेतक जेब्रा क्रासिंग और रंबल ब्रेकर नहीं बनाए गए। डीएम शुभ्रांत शुक्ल ने बताया कि हादसों की रोकथाम के लिए अभियान चलाया जा रहा है। लोगों जागरूक कर नियमों का पालन करने की अपील की जा रही है। नियमों के पालन से ही हादसों की रोकथाम संभव है।
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यह हैं ब्लैक स्पॉट
शहर के जीटी रोड पर अंधे मोड़ सरायमीरा, जिला अस्पताल, पाल चौराहा, गोवर्धनी तिराह, जसोदा, जलालाबाद, मिरगांवा क्रासिंग, इस्माइलपुर, तेराजाकेट, करमुल्लापुर, छिबरामऊ गल्ला मंडी, घिलोई समेत अन्य कुछ स्थान ब्लैक स्पॉट हैं।
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2012 से सड़क हादसों के आंकड़ों पर एक नजर
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वर्ष हादसा मृतक घायल
2012 457 184 299
2013 446 206 314
2014 245 141 302
2015 501 218 344
2016 632 192 402
2017 611 152 390
2018 441 207 382
2019 463 265 399
2020 377 225 404
2021 451 236 350
2022 509 245 630
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पुलिस के हाईटेक दावे फेल
सड़क हादसों की रोकथाम के लिए 2020 इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस हाईटेक योजना शुरू की थी। योजना का मकसद था कि हादसा होते ही हादसा स्थल, हादसे की वजह, लोकेशन इंट्रीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट ऐप पर अपलोड की जाएगी। जिससे ऑनलाइन लोगों को दुर्घटनाग्रस्त स्थलों की जानकारी हो सकी। कुछ दिनों तक लागू हुई यह योजना बंद हो गई। एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने बताया हाईटेक ढंग से हादसों की रोकथाम के प्रभावी कदम उठाए गए हैं। नियमों का पालन न करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
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