कन्नौज। एसपी कुंवर अनुपम सिंह के तबादले के बाद उनके खिलाफ शिकायत शुरू हो गई है। युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष ने पूर्व एसपी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। कार्यकाल के दौरान रुपये लेकर स्थानांतरण व पोस्टिंग का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। मांग की है कि पूर्व एसपी व एसआई राजकुमार सिंह के भ्रष्टाचार की जांच शासन स्तर से कराकर कार्रवाई की जाए।
भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष अभिमन्यु सिंह कार्यकर्ताओं के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। आरोप लगाया कि पूर्व में एसपी रहे कुंवर अनुपम सिंह ने कार्यकाल में पुलिस विभाग में रुपये का लेनदेन कर स्थानांतरण, पोस्टिंग व अपराधियों को संरक्षण देने में भारी रकम लेकर भ्रष्टाचार किया। इसके संबंध में युवा मोर्चा उनके कार्यकाल में भी आवाज उठाई। शिकायत करने पर भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इससे जनता में पार्टी की छवि लगातार खराब हो रही थी। समय-समय पर युवा मोर्चा जनप्रतिनिधियों को मामले से अवगत करता रहा। इस बात से नाराज होकर पूर्व एसपी ने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों के खिलाफ कई झूठे मुकदमा लिखवाए। आरोप लगाया कि एसआई राजकुमार सिंह को तैनाती के समय उनके मोटी रकम लेकर अपराधियों को छूट देते रहे हैं। इसके बावजूद एसपी ने एसआई को सदर कोतवाली का चार्ज दे दिया। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों को झूठे मुकदमा में फंसाते और बेइज्जत करते रहे।
पालिका चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को हराने का आरोप
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि नगर पालिका चुनाव में एसआई राजकुमार सिंह ने विरोधियों के साथ साठगांठ कर पूर्व एसपी को भारी रकम देकर भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों को हराने का काम किया। उन्होंने मतगणना के समय भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों व कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों की पिटाई कराने का काम राजकुमार से कराया। कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए गए। कहा कि पूर्व एसपी ने बिना जांच कराए विवेचक से चार्जशीट दाखिल करा दिए। जो न्याय संगत नहीं है।
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शिकायत के बाद चार्ज से हटाया, तबादला होने पर फिर से दिया चार्ज
जनप्रतिनिधियों की शिकायत पर राजकुमार सिंह को कोतवाली प्रभारी के चार्ज से हटाकर पीआरओ बना दिया गया। कहा कि पूर्व एसपी के पीआरओ राजकुमार ने डॉक्टरों को डरा धमकाकर पुलिस कर्मियों की फर्जी चोटों का मेडिकल बनवाया। सभी की चोटें एक जैसी ही पाई गईं। पूर्व एसपी का स्थानांतरण होने के बाद अपने पीआरओ को छिबरामऊ कोतवाली का प्रभारी नियुक्त कर दिया। जिस पर जनप्रतिनिधियों ने इसकी शिकायत आईजी जोन कानपुर से की। आईजी ने मामले को संज्ञान में लेते हुए नियुक्ति स्थगित कर दी। मांग की है कि पूर्व एसपी कुंवर अनुपम सिंह व एसआई राजकुमार सिंह के भ्रष्टाचारों की शासन स्तर से जांच कराई जाए और कार्रवाई की जाए।