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राजकीय सम्मान के साथ सैनिक को दी अंतिम विदाई

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फोटो 30सीएचबीपी56: बेटियों के साथ बैठी गमगीन पत्नी मधू। संवाद - फोटो : CHIBRAMAU
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छिबरामऊ। कैंसर की बीमारी से जान गंवाने वाले सैनिक का शव जब घर पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। सैनिक के शव के अंतिम दर्शन करने के लिए लोगों का जमावड़ा लग गया। सैनिक का फर्रुखाबाद जनपद के श्रृंगीरामपुर घाट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
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क्षेत्र के ग्राम अकबरपुर गांव निवासी धर्मेंद्र दुबे (40) आर्मी में बीएचएम (बटालियन हवलदार मेजर) के पद पर श्रीनगर में तैनात थे। छह माह पहले उनके पेट में गांठ पड़ गई थी। सेना के अस्पताल में जांच के बाद चिकित्सकों ने कैंसर की पुष्टि की। उनका इलाज आर्मी हॉस्पिटल लखनऊ में चल रहा था, जहां गुरुवार को उनकी मौत हो गई। सैनिक के निधन से हर आंख नम थी। सैनिक की शव यात्रा में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। पूर्व राज्यमंत्री अर्चना पांडेय के बेटे राहुल रतन पांडेय ने पहुंचकर सैनिक को श्रद्धांजलि अर्पित की। शव यात्रा में सैनिक चल रहे थे। सेना के अफसर ने सैनिक के बड़े भाई जितेंद्र दुबे को तिरंगा सौंपा।
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साल 2002 में सेना में भर्ती हुए थे धर्मेंद्र
ग्रामीणों ने बताया कि धर्मेंद्र शुरू से ही सेना में जाकर देश की सेवा करने का जज्बा रखते थे। साल 2002 में वह आगरा से सेना में भर्ती हुए थे। उनकी ट्रेनिंग गया बिहार से पूरी हुई थी। उनके परिवार में माता-पिता के अलावा पत्नी मधू, दो बेटियां वंशिका (12), शांभवी (09) व बेटा शिवार्थ (06) है। पत्नी मधू व मां ब्रह्मनंदनी देवी का रो-रोकर हाल बेहाल था।
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श्रद्धांजलि देने के लिए नहीं पहुंचा कोई भी अधिकारी
ग्रामीणों ने बताया कि सैनिक धर्मेंद्र का शव गुरुवार की देर शाम को गांव में आ गया था लेकिन कोई भी अधिकारी सैनिक को श्रद्धांजलि देने के लिए नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीणों में रोष है।

फोटो 30सीएचबीपी57: श्रृंगीरामपुर घाट पर गार्ड ऑफ ऑनर देते सैनिक। संवाद- फोटो : CHIBRAMAU

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