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Kannauj News: बजट में कंजूसी, 1910 बेटियों को नहीं मिला शगुन

Mon, 24 Apr 2023 11:06 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
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कन्नौज। पिछड़ा वर्ग की बेटियों के शादी के लिए सरकार 20-20 हजार रुपये शगुन देती है। बजट न मिलने की वजह से जिले की 1910 लड़कियों को लाभ नहीं मिल सका है। इतना ही नहीं, अब तो अधिकांश की शादियां भी हो चुकीं हैं। वित्तीय वर्ष 2022-23 का समापन होने से अब लाभ मिलने की उम्मीदें भी टूट चुकीं हैं।
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दरअसल, समाज कल्याण विभाग, पिछड़ा वर्ग कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से बेटियों की शादी के लिए 20-20 हजार रुपये का अनुदान सरकार की ओर से दिया जाता है। कई सालों से योजना बंद कर दी गई। समाज कल्याण विभाग से एक जोड़े पर शादी में 51 हजार रुपये खर्च करने वाली मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना चल रही है। इसमें सभी वर्गों को लाभ देने के लिए शामिल किया गया है। उधर, वर्ष 2022-23 में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में लाभ देने का आदेश आ गया। अनुदान के लिए विभाग में 2,222 ऑनलाइन आवेदन हुए। बाद में इनका सत्यापन कराया गया। उसमें 238 निरस्त भी कर दिए गए। कुल 1910 आवेदनकर्ता लाभ से वंचित रह गए।

केस एक
ब्लॉक उमर्दा क्षेत्र के दौलतपुर की रहने वाली देवकी पत्नी ग्रीश चंद्र ने बताया कि बेटी के ब्याह में आर्थिक मदद के लिए आवेदन किया था। शादी हो जाने के बाद उसे अब तक कोई सहायता नहीं मिली। रिश्तेदारों से भी बिटिया के ब्याह के लिए मदद लेनी पड़ी। कई लोगों का रुपया वापस भी करना है।
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केस दो
तहसील तिर्वा क्षेत्र के देवपुर्वा निवासी हरिश्चंद्र की पत्नी राम दर्शिनी ने बताया कि बिटिया की शादी के दौरान पिछड़ा वर्ग से 20 हजार रुपये का अनुदान लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। उसमें कई कागज भी लगाए थे। कागज बनवाने में काफी रुपये खर्च हो गए, लेकिन अब तक धेला नहीं मिला।
केस तीन
ब्लॉक कन्नौज सदर क्षेत्र के सतौरा रामपुर सादिक निवासी रनवीर ने भी अपनी पुत्री की शादी से पहले पिछड़ा वर्ग विभाग से अनुदान की मांग की थी। उन्होंने बताया कि जांच में उनको पात्र भी पाया गया, लेकिन मार्च समापन के बाद अब तक 20 हजार रुपये का अनुदान नहीं मिला सका। वह परेशान हैं।
केस चार
जलालाबाद ब्लॉक क्षेत्र के वनपुरा नरायनपुर निवासी रामअवतार ने बताया कि सरकार योजनाएं तो कई चला रही है, लेकिन सभी पात्रों को लाभ नहीं मिल पाता है। अनुदान के लिए ऑनलाइन आवेदन किया। उसके बाद सभी कागज ब्लॉक में जमा किए, लेकिन लाभ मिलने की अब उम्मीद टूट गई है।
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बयान
विभाग के पास जो बजट आया था, उसे कुल 312 लाभार्थियों को दे दिया गया। शादी अनुदान की योजना बंद हो गई थी। आवेदन अधिक होने की वजह से सभी को लाभ नहीं मिल सका। पहले आओ, पहले पाओ के नियम के तहत अनुदान दिया जाता है। वित्तीय वर्ष समापन में दूसरे चरण में 148 लोगों को 29.60 लाख रुपये दिया गया।
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अनुपम राय, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी
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