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Kannauj News: मंदिरों में जयकारे और मस्जिदों में सुनाई देंगी आयतें

Mon, 20 Mar 2023 12:04 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
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कन्नौज/तालग्राम। मार्च का समापन हिंदू धर्म के चैत्र नवरात्र और मुस्लिमों का पाक माह-ए-रमजान का संगम लेकर आएगा। 22 मार्च से नवरात्र प्रारंभ हो रहे हैं तो रमजान का चांद 22 या 23 मार्च को दिख सकता है। इसके लिए दोनों धर्मों की ओर से तैयारियां शुरू हो गईं हैं। जहां एक ओर मंदिर में आरती के स्वर गूंजेंगे तो दूसरी ओर मस्जिदों में कुरान की आयतें सुनाई जाएंगी।
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इस बार आस्था के दो पर्व एक साथ शुरू हो रहे हैं। चैत्र नवरात्र के केवल दो दिन ही शेष बचे हैं। इसी दिन या अगले दिन चांद का दीदार होते ही रोजे शुरू हो जाएंगे। उपवास और रोजा का अद्भुत संयोग देखने को मिलेगा। दोनों धर्मों का त्योहार एक साथ है।
दोनों त्योहार को नजदीक आता देख तैयारियां तेजी से चल रही हैं। मंदिरों में साफ-सफाई के साथ सजावट का काम किया जा रहा है। मस्जिदों में रंग-रोगन का काम हो रहा है। उपवास और इफ्तार-सहरी को लेकर बाजार खाने-पीने चीजों से सज गए हैं। रमजान का चांद दिखते ही मस्जिदों में तरावीह की नमाज शुरू हो जाएगी।
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मानीमऊ आंदेश्वरधाम के पीठाधीश्वर कौशल किशोर महाराज बताते हैं, कि इस बार के चैत्र नवरात्र 22 मार्च से प्रारंभ हो रहे हैं। इसी के साथ नवरात्र और रमजान कर संगम भी है, जो सद् भाव का संदेश देगा। हम सबको चाहिए कि मिलजुल कर ऊपर वाले की पूजा-इबादत की जाए इससे संसार में अमन चैन कायम रहें।

तालग्राम के रसूलाबाद जामा मस्जिद खतीवो इमाम मोहम्मद आरिफ रजा का कहना है कि रमजान का चांद 22 मार्च को दिख गया तो पहला रोजा 23 मार्च को होगा। ऐसा न होने पर अगले दिन पहला रोजा होगा। चांद दिखते ही मस्जिदों में तरावीह शुरू हो जाएगी। हर बालिग पर रोजा फर्ज है। रमजान में एक सवाब के बदले 70 सवाब मिलते हैं। रोजा केवल खाना का नहीं, बल्कि आंखों, नाक, हाथ-पैर से भी किसी को तकलीफ न देने का भी होता है।
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