कन्नौज। आठ साल पहले शहर में दो घरों में डकैती की वारदात में शामिल चार डकैतों को अदालत ने दोषी करार दिया है। चारों ने अदालत में जुर्म कुबूल कर लिया। विशेष न्यायाधीश (एंटी डकैती) ने चारों को सात साल सात माह 20 दिन कैद की सजा सुनाई है। सभी पर पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
डकैती की वारदात एक अप्रैल 2016 को हुई थी। शासकीय अधिवक्ता बृजेश शुक्ल ने बताया कि तिर्वा रोड स्थित बालाजी नगर और नई बस्ता नसरापुर में बदमाशों ने निशाना बनाकर डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। इस मामले में पुलिस की जांच में सामने आया था कि इसे संभल जिले के थाना आसमौली क्षेत्र के ग्राम सदीमपुर निवासी नजर हुसैन उर्फ पंजाबी, अजमल, शाबिद व इस्तखार उर्फ जौनी निवासी बेला जनपद औरैया ने अंजाम दिया था। दोनों घटनाओं की रिपोर्ट दर्ज कर डकैतों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने लूट का माल भी बरामद किया था। कोर्ट में चारों ने जुर्म कुबूल किया है। इसी मामले की सुनवाई करते हुए एंटी डकैती कोर्ट के विशेष न्यायाधीश इंद्रजीत सिंह ने चारों को दोषी करार दिया है। डकैती व घातक चोट पहुंचाने के आरोप में सात वर्ष सात माह 20 दिन का कारावास की सजा सुनाई है।
इन घरों में डकैती
शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि एक अप्रैल 2016 को सदर कोतवाली क्षेत्र के तहत शहर के दो घरों में डकैती की वारदात हुई थी। इसमें तिर्वा रोड स्थित बालाजी नगर निवासी यश्वीर भदौरिया और नई बस्ता नसरापुर निवासी विनोद मिश्र के आवास को बदमाशों ने निशाना बनाकर डकैती की वारदात को अंजाम दिया था।
दो सदस्यों को दो सप्ताह पहले हो चुकी है सजा
शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि इसी घटना में शामिल दो और डकैतों को पिछले महीने 30 जनवरी को सजा सुनाई जा चुकी है। इसी घटना में शामिल रहे संभल के थाना असीवन क्षेत्र के ग्राम सईमन निवासी सुल्तान बावरिया उर्फ राशिद व बरांडी उर्फ शोएब बावरिया को भी सजा हो चुकी है। चार सदस्यों को मंगलवार को सजा सुनाई गई है।