कन्नौज। एक किशोरी को 10 साल पहले फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म करने के आरोपी को अदालत ने दोषी करार दिया है। उसे सात साल कैद की सजा सुनाई है। मामले में शामिल दूसरे आरोपी को तीन साल कैद की सजा सुनाई गई। दोनों पर ही 30-30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माने की आधी रकम पीड़िता को देने को कहा गया है।
किशोरी संग यह वारदात सौरिख थाना क्षेत्र के एक गांव में अब से 10 साल पहले 21 नवंबर 2023 को हुई थी। शासकीय अधिवक्ता बृजेश शुक्ल ने बताया कि किशोरी के पिता ने सौरिख थाना में मुकदमा दर्ज कराया था। उसके मुताबिक उसकी करीब 16 वर्ष की बेटी को तिर्वा कोतवाली क्षेत्र के रतनापुर गांव निवासी सुभाष यादव पुत्र मोरपाल बहला-फुसलाकर भगा ले गया। इस प्रकरण में गांव के ही बाबू सिंह यादव व उसकी पत्नी ने सहयोग किया। बाबू सिंह की पत्नी ने उसकी बेटी को रुपये दिए और एक मोबाइल फोन भी दिया। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने किशोरी की तलाश की।
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किशोरी के बरामद होने के बाद सामने आई हकीकत
शासकीय अधिवक्ता के मुताबिक तत्कालीन एसआई जितेंद्र मोहन सिंह ने किशोरी को बरामद किया तो अपहरण में बृजेश पुत्र संतराम यादव निवासी रामनगर थाना मेरापुर जनपद फर्रुखाबाद का नाम सामने आया। पीड़िता ने कोर्ट में बयान दिया कि आरोपी बृजेश ने उसकी मर्जी के बिना शारीरिक संबंध भी बनाए। गांव का बाबू सिंह भी अपहरण में शामिल था। इस पर मुकदमे में दुष्कर्म की धारा और बढ़ा दी गई। पुलिस ने बृजेश व बाबू सिंह यादव उर्फ अशोक के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दायर की। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाह पेश किए गए। मामले की सुनवाई के बाद बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी प्रथम) इंद्रजीत सिंह ने बृजेश यादव व बाबू सिंह को दोषी करार दिया।
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इस तरह सुनाई गई सजा
अपहरण में तीन-तीन वर्ष की कैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। दुष्कर्म में बृजेश यादव को सात साल कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद दोषियों का सजायावी वारंट बनाकर न्यायिक हिरासत में लेकर जिला जेल भेज दिया गया है।