कन्नौज। 13 साल पहले आंधी की वजह से नीम के पेड़ की टहनी पड़ोसी के घर में गिरने के बाद दो पक्षों में हुए खूनी संघर्ष के मामले में सात लोगों को सजा सुनाई गई है। अदालत में हुई सुनवाई के बाद इस मामले में दोनों पक्षों को दोषी पाया गया। एडीजे विश्वंभर प्रसाद ने एक पक्ष से तीन अभियुक्तों को तीन-तीन साल और दूसरे पक्ष से चार लोगों को छह-छह महीने की सजा सुनाई है। अभियुक्तों में दो महिलाएं भी शामिल हैं।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी तरुण चंद्रा ने बताया कि 15 मई 2009 को थाना ठठिया क्षेत्र के होलेपुर गांव निवासी रामबिहारी अग्निहोत्री ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि पड़ोसी मुंशीलाल अग्निहोत्री के पुत्र सोनू, हरिश्चंद्र और पत्नी मुन्नी देवी उर्फ भगताइन ने लाठी डंडों से पीटकर पुत्री सपना देवी, पुत्र आलोक कुमार और डेढ़ साल के नाती विभू को घायल कर दिया था। दूसरे पक्ष से मुन्नी देवी ने रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। उसमें रामबिहारी अग्निहोत्री, पवन व पंकज पुत्रगण रामबिहारी और रामनंदिनी पत्नी रामबिहारी को मारपीट कर घायल करने का आरोपी बनाया गया।
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इनको हुई सजा
मंगलवार को एडीजे विश्वंभर प्रसाद ने मुंशीलाल अग्निहोत्री के पुत्र सोनू, हरिश्चंद्र और पत्नी मुन्नी देवी उर्फ भगताइन निवासी गांव होलेपुर को तीन-तीन साल की सजा सुनाई। साथ ही तीन-तीन हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर 50 दिन की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। दूसरे पक्ष में रामबिहारी अग्निहोत्री, पवन व पंकज पुत्रगण रामबिहारी और रामनंदिनी पत्नी रामबिहारी को छह-छह महीने की सजा व एक-एक हजार जुर्माना लगाया गया। जुर्माना न देने पर 20-20 दिन की अतिरिक्त सजा होगी।
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हाईकोर्ट में समझौता करने की मिली थी मोहलत
दरअसल, मामले की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद आरोपी हाईकोर्ट इलाहाबाद पहुंचे थे। यहां तीन सप्ताह में समझौता पत्र दाखिल करने को कहा गया था। समझौता पत्र दाखिल नहीं हो सका, जिस वजह से सजा सुनाई गई।