तिर्वा। नगर पंचायत के राज्यवित्त खाते से अध्यक्ष के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर सात लाख रुपये की निकासी का मामला सामने आया है। मामले की जानकारी होने पर नगर पंचायत अध्यक्ष ने डीएम को शिकायत पत्र देकर मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। डीएम ने एसडीएम तिर्वा को जांच सौंपी है।
नगर पंचायत क्षेत्र में विकास कार्य कराने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से विकास कार्य के लिए धनराशि दी जाती है। जिससे नगर पंचायत अपने क्षेत्र में विकास समेत कर्मचारियों को मानदेय का भुगतान कर सके। नगर पंचायत अध्यक्ष मिताली गुप्ता ने दो दिन पहले डीएम को शिकायती पत्र देकर बताया कि नगर पंचायत के राज्यवित्त खाते से उनके फर्जी हस्ताक्षर बनाकर करीब सात लाख रुपये निकाल लिए गए। यह रकम गोशाला के नाम पर निकाली गई।
उन्होंने डीएम को शिकायती पत्र देकर मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कि फर्जी हस्ताक्षर बनाकर धन की निकासी की गई है। डीएम ने नगर पंचायत अध्यक्ष की शिकायत पर जांच तिर्वा एसडीएम व ज्वाइंट मजिस्ट्रेट पवन कुमार मीणा को सौंपी है।
नगर पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि सौरभ गुप्ता ने बताया कि किसी ने अध्यक्ष के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर गोशाला के नाम पर सात लाख रुपये निकाल लिए हैं। जिसकी शिकायत डीएम से की गई। ईओ उमेश कुमार ने बताया कि जो रुपये निकले हैं, उस चेक पर अध्यक्ष के हस्ताक्षर हैं। एसडीएम पवन कुमार मीणा ने बताया कि नगर पंचायत के अभिलेखों की जांच की जाएगी। हस्ताक्षरों का मिलान कराया जाएगा। मामला सही पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।