तिर्वा। औद्योगिक गलियारा निर्माण के लिए चिह्नित की गई जमीन का प्रशासन ने किसानों से बैनामा कराकर मुआवजा देना शुरू कर दिया। पहले दिन तहसील प्रशासन ने सात किसानों के हिस्से की जमीन के बैनामों को तैयार कर लिया, जिनकी रजिस्ट्री मंगलवार को करवाई जाएगी। डीएम ने किसानों से बातचीत की। सभी को जल्द ही सभी बैनामा कराने के की बात कही।
ठठिया क्षेत्र के आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के निकट सरकार के आदेश पर अलीपुर आहाना के 900 किसानों की करीब 143 हेक्टेयर जमीन तहसील प्रशासन ने चिन्हित कर रिपोर्ट यूपीडा को सौंप दी थी। यूपीडा ने जमीन का प्रस्ताव पास करने के बाद जिन-जिन किसानों की जमीन औद्योगिक गलियारा में चिह्नित की गई उनके बैनामा कराकर किसानों को मुआवजा देने के निर्देश दिए। तहसील प्रशासन ने सभी तैयारियों को पूर्ण करके सोमवार को किसानों के बैनामा कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
तहसील पहुंचे अलीपुर आहाना की जमीन देने के लिए जैनपुर निवासी रामदेवी पत्नी रामऔतार, राजपाल पुत्र रामऔतार, विजय पाल पुत्र रामऔतार, अजय, सूरज नाबालिग संरक्षक माता, अजीजुद्दीन पुत्र जमालुद्दीन, राजेश कुमार पुत्र बाबूलाल से तहसील प्रशासन ने उनकी जमीन के बैनामा औधोगिक गलियारा के पक्ष में देने के लिए तैयार कराया। समय न रहने के कारण किसानों के बैनामों की रजिस्ट्री नहीं हो सकी। तैयार बैनामों की मंगलवार को रजिस्ट्री प्रशासन करवा लेगा।
औद्योगिक गलियारा के तैयार हो रहे बैनामों के समय पहुंचे डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने किसानों से बात कर उनकी सूची देखी। तहसीलदार अवनीश कुमार ने बताया कि बैनामा के कागज तैयार होने में समय लग गया, जिस कारण रजिस्ट्री नहीं हो सकी, जो बैनामा तैयार हुए हैं, उनकी रजिस्ट्री मंगलवार को कराई जाएगी। इसके लिए किसानों को अपने पास से एक भी पैसा खर्च नहीं करना है। सारा खर्च प्रशासन करेगा। किसानों को बैनामा के लिए घर से साधन भेजकर लाया जाएगा।