कन्नौज। मौसम की मार से आलू किसानों की चिंताएं बढ़ गई। पारा गिरने से आलू की फसल में झुलसा रोग शुरू हो गया। फसल बचाने के लिए किसानों ने फसल में दवाओं का छिड़काव शुरू किया है।
जिले में 52 हजार हेक्टेयर में 14 लाख मीट्रिक टन आलू का उत्पादन होता है। जनवरी में पारा गिरने से आलू की फसल में झुलसा (परपरा) रोग शुरू हो गया। इससे उत्पादन प्रभावित होगा। पारा का सबसे ज्यादा असर बलुई मिट्टी वाले तराई इलाके के खेतों में देखा जा रहा है।
ईशन नदी किनारे आलू की खेती करने वाले रतापुरवा निवासी किसान फूल सिंह के पांच बीघे खेत में झुलसा रोग फैल रहा है। गांव के किसान राजेश ने बताया कि दिन में कुछ समय के लिए धूप निकलती है। इसके बाद पारा गिरने लगता है। इससे फसल को नुकसान हो रहा है। कृषि वैज्ञानिक अमरेंद्र यादव ने बताया कि किसान दवाओं का अधिक छिड़काव न करें। इससे फसल में नुकसान हो सकता है। झुलसा रोग से फसल को बचाने के लिए सल्फर का प्रयोग करें। शाम को खेत पर हल्का धुआं करें। इससे झुलसा रोग फैलने की आशंका कम होगी।