फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सोते है पुलिसकर्मी, पुलिस के पहरे से संतुष्ट नहीं परिजन

विज्ञापन
विज्ञापन
छिबरामऊ। क्षेत्र के सबलपुर गांव में हुए पिता-पुत्र के हत्याकांड के बाद पीड़ित परिवार की सुरक्षा दो पुलिस कर्मियों के हवाले है। ड्यूटी में लापरवाही से संतुष्ट परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने तक सुरक्षा बढ़ाए जाने की मांग की है।
विज्ञापन

सबलपुर गांव में रविवार को हुए हमले में सुरेश चंद्र व उसके बेटे कमलेश की मौत के बाद गांव में पीएसी को तैनात कर दिया गया था, बाद में पीएसी को हटाकर कोतवाली की पुलिस को लगा दिया गया। अब मृतकों के परिवार की सुरक्षा में केवल दो पुलिस कर्मी ही तैनात हैं।
शुक्रवार को एक सिपाही बगैर राइफल के चारपाई पर सोता मिला। जबकि दूसरा पुलिस कर्मी मौके से गायब मिला। मृतक सुरेश चंद्र की बेटी सविता ने बताया सुरक्षा के नाम पर खाना-पूरी की जा रही है।
विज्ञापन

सिपाही अक्सर सोते है या फिर चौकी चले जाते है। वह लोग अपनी सुरक्षा खुद जागकर करते है। जब तक फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस जेल में नहीं डाल देती, तब तक उनके परिवार की सुरक्षा के लिए और पुलिस कर्मी लगाए जाएं।
एसपी ने कहा कि सुरक्षा में लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों ने दिखाई मानवता
हत्यारोपियों के घर के दरवाजे पर बंधे जानवरों के लिए गांव के लोगों ने मानवीयता दिखाई है। गांव के लोग इन जानवरों को पानी पिलाने के साथ ही चारा भी डाल देते हैं। जिससे धूप में बंधे इन बेजुबानों को भी थोड़ी राहत मिल सके।
पति और बेटे की मौत से अनजान हैं बिट्टन देवी
छिबरामऊ। हमले में गंभीर रुप से घायल हुई बिट्टन देवी को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। अभी वह बोल नहीं पा रहीं हैं। वहीं पति और बेटे की हत्या से अभी भी अनजान हैं। डाक्टर का कहना है कि जानकारी से उन्हें दिल का दौरा पड़ भी सकता है। इससे जान जा सकती है। इसी के चलते शुक्रवार को बेटों ने कमालगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में रिश्तेदार के घर पर ठहराया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें