पूर्व ब्लाक प्रमुख को ज्ञापन सौंपते शहर के सराफा व्यापारी।
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एक्साइज ड्यूटी लगाए जाने के विरोध में सराफा व्यापारियों ने बुधवार को दुकानें बंद रखीं और सरकार विरोधी नारेबाजी की। आरोप लगाया कि केंद्र सरकार का यह फैसला इंसपेक्टर राज को लागू करने वाला है। सही तरीके से कार्य करने के बावजूद सराफा व्यापारी स्मगलर कहलाएंगे और जेलों में बंद होंगे। बाद में पूर्व ब्लाक प्रमुख नवाब सिंह यादव को वित्तमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। इसमें तत्काल एक्साइज ड्यूटी से मुक्ति दिलाने की गुहार लगाई गई है।
वित्त मंत्री द्वारा बीती 29 फरवरी को बजट में स्वर्ण आभूषणों पर एक प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी लगाए जाने के विरोध में सराफा व्यापारी लामबंद हैं। सरकार के इस फैसले के खिलाफ उन्होंने एकजुट होकर बाजार बंद रखा। वित्तमंत्री को संबोधित ज्ञापन में लिखा गया है कि जहां एक तरफ सरकार मेक इन इंडिया को बढ़ावा दे रही है, वहीं दूसरी तरफ देश में बनने वाली ज्वैलरी पर एक प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी लगाकर देश के स्वर्णकार व सर्राफा व्यवसाय को सड़क पर लाने का कार्य कर रही है।
कमेटी के अध्यक्ष रमेश चंद्र वर्मा ने कहा कि चार साल पहले जब तत्कालीन वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने एक्साइज ड्यूटी लगाई थी तब भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने ही इसे गलत बताते हुए साथ दिया था। अब भाजपा सरकार के इस निर्णय से सराफा व्यापारी सदमे में हैं। उनका कहना है कि ज्वैलरी बनाने की कला हस्तशिल्प है। इसे बनाने वाले अधिकांश कारीगर कम पढ़े-लिखे व अनपढ़ हैं
। वे असंगठित तरीके से कार्य करते हैं। ऐसे कारीगर देश में करोड़ों की संख्या में हैं, जिनके बगैर आभूषण निर्माण संभव नहीं है। इस दौरान सत्य प्रकाश वर्मा, राजेश कुमार, राजेंद्र बाबू, प्रताप सिंह वर्मा, सुरेश चंद्र वर्मा, श्याम वर्मा, अनीश स्वरूप सक्सेना, अजीत वर्मा, चंद्र प्रकाश वर्मा मौजूद रहे।