कन्नौज। सांसद सुब्रत पाठक ने सपा की ओर से विधानसभा में उठाई गई जातीय जनगणना की मांग के बजाए धार्मिक जनगणना कराने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि देश का बंटवारा धर्म के नाम पर हुआ था। इसलिए जरूरी है कि देश में सभी धार्मिक जनगणना हो ताकि सभी धर्मों की स्थिति साफ हो सके। उसके बाद ही जातीय जनगणना की बात होगी। यह बात उन्होंने मंगलवार को केंद्रीय बजट की उपलब्धियां गिनाने के दौरान कहीं।
भाजपा सांसद मंगलवार को जीटी रोड स्थित लोकसभा कार्यालय पर मीडिया से केंद्रीय बजट की उपलब्धियां गिना रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि सपा जातीय जनगणना की मांग कर सपा विकास में रोड़ा डालना चाह रही है। पहले धार्मिक जनगणना हो ताकि पता चला कि किस धर्म को मानने वालों की संख्या क्या है। धर्म के नाम अलग देश बना था, तब अल्पसंख्यक कितने थे, अब कितने हैं यह स्पष्ट होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि देश विकास के रास्ते पर बढ़ चुका है। इस बार अमृत काल का बजट पेश हुआ है। यह आने वाले शताब्दी वर्ष में देश को नई पहचान देगा। बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। इस दौरान जिलाध्यक्ष नरेंद्र राजपूत, जिला मीडिया प्रभारी शरद मिश्रा मौजूद रहे।
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टैक्स में छूट देकर मध्य वर्ग को दी राहत
सांसद ने कहा कि खासकर मध्य वर्ग को टैक्स में बड़ी छूट मिली है। सात लाख की आमदनी अब टैक्स के दायरे से बाहर हो गई है। 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन देकर सरकार ने सबका साथ सबका विकास के अपने नारा को सही साबित किया है। कोरोना महामारी के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधार हुआ है। वर्ष2014 के बाद से प्रति व्यक्ति आय दुगनी से अधिक हो कर 1,97,000 सालाना हो गई है। पिछले नौ वर्षों में भारत दुनिया की 10 वीं से पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हो गया। यह बजट सच में गरीब, किसान, महिला, युवा, पिछड़ा, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग, आर्थिक रूप से कमजोर का बजट है।
प्रयागराज घटना पर सरकार गंभीर
बजट की उपलब्धियां गिनाने के बाद सांसद ने प्रयागराज के उमेश पाल हत्याकांड में सरकार गंभीर है। इस वारदात में शामिल आरोपियों को सजा मिलकर रहेगी। कानपुर देहात में आग लगने से जलकर हुई मां-बेटी की मौत पर कहा कि लापरवाह अफसरों पर कार्रवाई हो रही है। विपक्ष इसे मुद्दा बनाकर सरकार की छवि खराब कर रहा है।