मेडिकल में फेल होने से था आहत
खुबरियापुर गांव के वीरपाल ने बताया कि उसका पुत्र मोहित (26) ने एयरफोर्स की परीक्षा पास कर ली थी, लेकिन मेडिकल में सफल न होने के कारण उसकी नौकरी नहीं लगी थी। पिता की माने तो उसने सेना में भर्ती होने का सपना देखा था।
नौकरी के लिए तीन सालों तक कानपुर में रहकर काफी मेहनत की थी। नौकरी न लगने से वह निराश हो गया। ग्वालियर में उसने कपड़े बेचने का कारोबार किया था, लेकिन मन नहीं लगा और घर लौट आया। नौकरी न लगने की निराशा के चलते उसने दिमागी संतुलन खो दिया था, अलीगढ़ से उसका इलाज चल रहा था।