जसोदा। दो दिन पहले काली नदी में संदिग्ध हालात में छलांग लगाने वाले रेलकर्मी का शव शुक्रवार को बरामद हो गया। शव मिलने की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। उसके भाई ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पहले दिन तो पुलिस ने गोताखोरों की मदद से तलाश की थी। अगले दिन कोई नहीं आया। शव नदी किनारे बहता हुआ मिला।
जसोदा रेलवे स्टेशन पर ट्रॉलीमैन पद पर तैनात नीरज ने होली पर दो दोस्तों के साथ शराब पी थी। उसके बाद काली नदी में नहाने के दौरान उसने वहां पुल से छलांग लगा दी थी। बताया जा रहा है कि उसके साथ गए दोनों दोस्त डर कर भाग गए। बाद में लोगों ने पुल पर बाइक खड़ी देख पुलिस को सूचना दी थी। सूचना के आधार पर गुरुवार को जलालपुर पनवारा चौकी प्रभारी युवक की तलाश के लिए गोताखोरों को लेकर पहुंचे थे, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा था।
शुक्रवार को पुलिस पहुंची न ही कोई गोताखोर आया। ऐसे में नीरज के भाई सोनू अपने पिता सत्यपाल सिंह और रिश्तेदारों के साथ पुल के आसपास खोज कर रहे थे। तभी कंजौली गांव निवासी राजेंद्र सिंह ने बताया की पुल से लगभग 500 मीटर की दूरी पर नदी की किनारे एक शव फंसा है। परिजन वहां पहुंचे और शव को देकर पुलिस को सूचना दी। जलालपुर पनवारा चौकी प्रभारी सुभाष चंद्र करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंचे। उन्होंने पानी से शव को बाहर निकलवाकर भाई की तहरीर पर जरूरी लिखापढ़ी के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने भी जरूरी साक्ष्य जुटाया। भाई ने चौकी पुलिस पर नीरज की तलाश में लापरवाही का आरोप लगाया है।