कन्नौज। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान के बाद प्रदेश के कई जनपदों में पशुओं पर जानलेवा लंपी रोग कहर बरपा रहा है। बड़ी संख्या में दुधारू पशुओं की मौत हो रही है। शासन के निर्देश पर दूसरे प्रदेशों से खरीदे गए मवेशियों को सीधे जिले में लाने पर रोक लगा दी गई है। अब जिले की सीमा पर पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण होने के बाद ही पशुपालक उन्हें घर ले जा सकेंगे।
जिले में मौजूदा समय में छह लाख 51 हजार दुधारू पशु है। बड़ी संख्या में व्यापारी और पशु पालक दूसरे राज्यों से अच्छी नस्लों के मवेशी लाते है। इन राज्यों में लंपी रोग फैल गया है। मुख्य पशु चिकित्सा विभाग ने रविवार से इन राज्यों से पशुओं की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी है। पशुओं को लाने से पहले पशु चिकित्सा विभाग को सूचना देनी होगी।
पशु चिकित्सा अधिकारी संजय शाल्या ने बताया कि लंपी संक्रमण बेहद खतरनाक है। संक्रमित पशुओं पर बैठी मक्खी व मच्छर से अन्य पशु भी संक्रमित हो जाते है। लंबी रोग पर निगरानी के लिए पशु चिकित्सकों की 34 टीमें गठित की गईं हैं।
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ये हैं लक्षण
पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय शाल्या ने बताया कि लंपी संक्रमण ग्रसित मवेशी को तेज बुखार आता है। वह खाना बंद कर देता है। त्वचा पर गांठ पड़ जाती है। 24 घंटे के बाद अंदर पशु की मौत हो जाती है। संक्रमण से पशुओं को बचाने के लिए आसपास सफाई रखे। अन्य मवेशियों के संपर्क से पशुओं को दूर रखें। खुले में चराना भी बंद कर दें।