उमर्दा। सब्जियों की खेती में ग्राफ्टिंग तकनीक से पौधों को मृदा जनित रोगों से बचाने और उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजीटेबल्स में शनिवार को इसका व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के वैज्ञानिकों ने 90 फीसदी से अधिक सफलता दर के लिए सही विधि, उचित देखभाल और नियंत्रित वातावरण को महत्वपूर्ण बताया। वरिष्ठ वैज्ञानिक अनंत बहादुर और अनीश कुमार सिंह ने बैंगन, टमाटर और मिर्च की ग्राफ्टिंग के तरीके समझाए। उन्होंने रूट स्टॉक और सायन के सही चयन, कटिंग के उचित कोण तथा औजारों की स्वच्छता पर जोर दिया। जिला उद्यान अधिकारी आशीष कटियार ने बताया कि यह तकनीक मृदा जनित रोगों से बचाव, फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में सुधार करती है। प्रशिक्षण में कई अन्य विशेषज्ञ भी मौजूद रहे। वैज्ञानिकों ने ग्राफ्टिंग के बाद पौधों को नियंत्रित तापमान और आर्द्रता में रखने की सलाह दी।