कन्नौज। एक ओर बाजार में आलू का सही भाव नहीं मिल रहा है तो दूसरी ओर शीतगृह (कोल्ड स्टोरेज) में आलू भरे बोरे रखने के लिए किसानों को संघर्ष करना पड़ रहा है। सुबह से ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर खड़े किसानों का नंबर शाम तक आ पाता है। दोपहर को पहुंचने वाले वाहनों का प्रवेश देर रात में होता है। जगह न होने की बात कहकर शीत गृहों से किसानों को वापस कर दिया जाता हैं।
जनपद में 51 से 52 हजार हेक्टेयर रकबे में आलू की फसल होती है, जिसमें 13 लाख मीट्रिक टन उत्पादन होता है। इस बार आलू की फसल बेहतर हुई है पर बाजार में मिलने वाला रेट दगा दे गया है। इस कारण किसान परेशान हैं। किसानों को एक ओर लागत निकालने की चिंता है तो दूसरी ओर आलू को सुरक्षित रखने के लिए मेहनत करनी पड़ रही है। धूप, छांव व रात की चिंता किए बगैर शीतगृह के बाहर किसान आलू को सुरक्षित रखने के लिए घंटों लाइन में लगे हैं। कई शीत गृहों ने तो भंडारण पूरा होने की बात कहकर किसानों कोवापस कर दिया है।
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फोटो:18 - नीलू।
सुबह नौ बजे से खड़े-खड़े चार बजे का मिला समय
तुलापुर्वा गांव निवासी 26 वर्षीय नीलू ने बताया कि 16 बीघे खेतों में आलू की फसल की है। कुछ आलू सही रेट होने पर बिक्री कर दिया था। अब 200 से 250 रुपये ही आलू बिकने की जानकारी मिल रही है। 300 पैकेट (एक पैकेट में 50 से 55 किलो) आलू रखने हैं। सुबह नौ बजे से जीटी रोड किनारे कोल्ड स्टोरेज के बाहर खड़ा हूं, शाम चार बजे का समय दिया गया है।
फोटो:19 - मनेश्वर।
आलू रखने की उम्मीद नहीं लग रही
तुलापुर्वा के ही रहने वाले 45 साल के मनेश्वर बताते हैं कि एक बीघे खेत में आलू किया है। 36 पैकेट लेकर सरायमीरा जीटी रोड के कोल्ड स्टोरेज में खड़ा हूं। सुबह आठ बजे ही वाहन में आलू रखकर आ गया था, लेकिन दोपहर एक बजे तक प्रवेश नहीं मिला है। कोई गारंटी भी नहीं है कि आलू रखा भी जाएगा या नहीं।
फोटो: 20- सुंदरलाल।
तीसरे कोल्ड स्टोरेज से लगी उम्मीद
ब्लॉक सदर क्षेत्र के गांव बगिया निवासी 57 साल के किसान सुंदरलाल कहते हैं कि 12 बीघे रकबे में आलू किया है। 450 पैकेट आलू का भंडारण करना है। दो कोल्ड स्टोरेज में आलू रख दिया है, लेकिन 75 पैकेट बच गए हैं। अब आलू रखने से मना कर दिया गया है। अब तीसरे कोल्ड स्टोरेज में आए हैं। पांच घंटे से इंतजार कर रहे हैं कि शायद आलू रख लिया जाए।
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फोटो: 21- अवनीश।
कोल्ड स्टोरेज में जगह नहीं
गांव बुलाकीपुर्वा निवासी अवनीश बताते हैं कि चार घंटे से ट्रैक्टर-ट्रॉली में आलू भरकर भंडारण के लिए इंतजार कर रहे हैं। कोल्ड स्टोरेज से कहा गया है कि अंदर जगह नहीं है। पहले पहुंचे बोरे को सुरक्षित रख लिया जाएगा, उसके बाद ही बुलाया जाएगा। अवनीश का कहना है कि अभी 95 पैकेट आलू लेकर वह आए हैं। 10 बीघे में फसल की है।