कन्नौज। गर्मियों में पानी की किल्लत से लोग काफी परेशान हैं। ऐसे में ग्रामीण हों या पीएचसी के मरीज हर एक व्यक्ति पानी की किल्लत से जूझ रहा है। एसी कमरों में बैठने वाले अफसर बोतल बंद पानी पी रहे हैं और जनता की समस्याओं को जानकर भी अंजान हैं।
ग्राम जलालाबाद में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पानी की सुविधा तो है मगर पानी नहीं है। गांव में पेयजल योजना के तहत टंकी का निर्माण किया गया था, लेकिन उसमें इतना प्रेशर नहीं है कि वह पीएचसी की छत पर रखी टंकी पर पानी पहुंचा सके और आरओ शुरू हो सके। केंद्र पर आरओ प्यूरी फायर सिस्टम व पानी की टंकी की पूरी तरह से व्यवस्था है, लेकिन सबमर्सिबल के बिना सब बेकार है।
पीएचसी पर आने वाले कई मरीजों को यह आस रहती है कि उन्हें कब पानी मिलेगा। मरीजों का कहना है कि वह गर्मियों में पानी के लिए काफी परेशान रहते हैं, लेकिन उन्हें पानी नहीं मिलता और प्यासे ही वहां से दवाई लेकर अपने गंतव्य को जाना पड़ता है।
इनसेट
फोटो :03: आलोक तिवारी। संवाद
खरीदकर पीना पड़ता पानी
जलालाबाद निवासी आलोक तिवारी उर्फ कन्हैया ने बताया कि वह अक्सर अपने परिजनों व स्वयं के लिए दवाई लेने जाते हैं, लेकिन उन्हें खरीद कर पानी पीना पड़ता है या दूसरों के घरों के दरवाजों पर जाना पड़ता है।
इनसेट
फोटो :04: रंजीत चौरसिया। संवाद
पानी न होने की वजह से दवा नहीं खा सके
जलालाबाद निवासी रंजीत चौरसिया का कहना है कि वह अपनी दवा लेने के लिए गए थे। उन्हें काफी तेज बुखार था, लेकिन पानी न होने की वजह से वह दवाई तक नहीं खा सके और वह वापस आ गए।
इनसेट
फोटो :05: मोहित पाठक। संवाद
पानी न मिलने से परेशान होते मरीज
मोहित पाठक ने बताया कि पीएचसी पर बीते कई सालों से पानी की व्यवस्था नहीं है। ब्लाॅक कर्मियों की ओर से पानी की कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। मरीज खरीद कर पानी पी रहे हैं।
इनसेट
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर बीते कई सालों से पानी की व्यवस्था ठीक नहीं है। इसमें प्रधान व बीडीओ को कई बार बोला जा चुका है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। प्रधान और बीडीओ ध्यान नहीं दे रहे हैं।
- डाॅ. मनोज कुमार, सीएचसी प्रभारी