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Kannauj News: नहीं मिल रही खाद, दर-दर भटक रहे किसान

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कन्नौज। खाद की किल्लत से किसान भटक रहे। सुबह से लेकर शाम तक समितियों के चक्कर काटने के बाद मायूस लौटना पड़ रहा है। इससे किसानों की आलू और गेहूं फसल चौपट हो रही।
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जिले में बड़े पैमाने पर आलू और गेहूं की पैदावार होती है। शासन ने किसानों के लिए एक अक्तूबर 2022 से मार्च 2023 तक 13 लाख 32 हजार 200 मीट्रिक टन आपूर्ति का लक्ष्य निर्धारित किया है। अभी जिले में 8 लाख 83 हजार 59 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध कराई। इससे चार लाख 38 हजार 41 मीट्रिक टन खाद की आवक बाकी है। मौजूदा समय गेहूं और आलू की सिंचाई के समय किसानों को खाद की सख्त जरूरत है।
किसान खाद की आस में जिले की 52 साधन सहकारी समितियों पर सुबह से चक्कर काट रहे, लेकिन 10 दिनों से खाद न मिलने से किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि अगर सही समय पर खाद न मिली, तो फसल चौपट हो जाएगी। निजी उर्वरा दुकानदार अधिक दामों में खाद बिक्री कर रहे है। इससे खरीद पाना मुश्किल हो रहा है। जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार ने कहा कि कुछ समितियों पर खाद का स्टॉक खत्म हो गया है। डिमांड भेजी गई है। जल्द से जल्द किसानों को खाद मुहैया कराई जाएगी।
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किसानों का छलका दर्द
बगैर खाद करनी पड़ी सिंचाई
क्षेत्र के जगतपुर गांव निवासी युवा किसान सुमित कुमार का कहना है कि तीन दिन तक समिति के चक्कर काटे, खाद न मिलने से बगैर खाद दिए गेहूं फसल को पानी दे दिया। इससे अब उत्पादन पर असर पड़ेगा।
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इनसेट
अधिकारी नहीं कर रहे सुनवाई, किसान परेशान
क्षेत्र के फरिकापुर निवासी किसान अशफाक खां का कहना है कि खाद न मिलने पर अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इससे किसान परेशान हैं। समिति पर चहेतों को खाद दी जा रही है।
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