कन्नौज। नगर निकाय चुनाव में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच बनाने और उनका समर्थन हासिल करने के लिए उम्मीदवारों और सियासी पार्टियों की ओर से हर जतन किया जा रहा है। इसी क्रम में शहर में तब सियासत गरमा गई जब भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में मुस्लिम समाज के कुछ लोगों को पार्टी में शामिल कराने का आयोजन हुआ। उसके बाद इसे लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। चर्चा है कि भाजपा के अंदरखाने भी इसे लेकर अलग-अलग राय है।
दरअसल कन्नौज नगर पालिका के अध्यक्ष पद के लिए भाजपा की ओर से ऊषा दीक्षित उम्मीदवार हैं। शुक्रवार को उनके समर्थन में लाखन तिराहा और आसपास के मुस्लिम समाज के कई लोग सामने आए। उनकी अगुआई कर रहे हाजी हसीन वारसी के नेतृत्व में समाज के कई लोग शहर के आशा होटल पहुंचे। वहां भाजपा के वरिष्ठ नेता विपिन दीक्षित ने सभी का स्वागत किया। उन्हें बाकायदा भाजपा का अंगवस्त्र पहनाया। उसके बाद समर्थन देने की घोषणा की गई। इस पूरी सियासी गतिविधियों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेज से वायरल हो गया। इस बीच इस बात की चर्चा होने लगी कि जिस नेता की अगुआई में मुस्लिम समाज के लोग समर्थन देने पहुंचे थे, उसका नाम यहां आठ साल पहले हुए दंगे में शामिल रहा है। इसके बाद यहां सोशल मीडिया पर नई सियासी बहस शुरू हो गई। इस मामले पर हाजी हसीन वारसी का कहना है कि ऊषा दीक्षित से उनका पारिवारिक नाता है। उन्होंने अपना व परिवार और समाज का समर्थन दिया है। उनको जिताने के लिए मेहनत करेंगे। पार्टी उनको अपनाती है या नहीं यह बाद की बात है।