कन्नौज। पांच साल पहले एक लाख रुपये व बाइक की मांग पूरी न होने पर महिला को जलाकर मार देने के मामले में अदालत ने आरोपियों को दोषी करार देते हुए सात-सात साल की कैद की सजा सुनाई है। फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज इंद्रजीत द्वितीय ने दोषी मां-बेटे को कारावास की सजा के साथ ही आठ-आठ हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह अतिरिक्त कारावास की सजा भी होगी। सुबूत के अभाव में पुलिस ने ससुर व जेठ के नाम विवेचना में निकाल दिए थे।
शासकीय अधिवक्ता बृजेश शुक्ला ने बताया कि ठठिया थाना क्षेत्र के रूरा गांव निवासी खुशनुमा पत्नी शहनूर ने 13 फरवरी 2018 को दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि उसने 24 वर्षीय पुत्री सायना की शादी करीब तीन साल पहले सदर कोतवाली क्षेत्र के सारोतोप गांव निवासी मुईन अली से की थी। शादी के बाद से ही पति मुईन के अलावा सास उदीसा बेगम, ससुर यार अली व जेठ पप्पू अतिरिक्त दहेज में एक लाख रुपये व बाइक की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर बेटी को मानसिक व शारीरिक तौर पर प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। बेटी को जान से मारने की धमकी देने लगे। तब उसने खेत बेचकर 50 हजार रुपये ससुरालीजनों को दे दिए। कुछ दिन तो मामला ठीक रहा लेकिन फिर दहेज की मांग शुरू कर दी। 13 फरवरी 2018 को पुत्री को ससुरालीजनों ने जलाकर मार दिया। उसकी तहरीर पर पुलिस ने दामाद समेत चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज जांच की। मामले की विवेचना तत्कालीन सीओ श्रीकांत प्रजापति ने की। उन्होंने ने विवेचना के दौरान ससुर यार अली व जेठ पप्पू के नाम सुबूत के अभाव में निकाल दिया और आरोप मां-बेटा के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किए। साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज इंद्रजीत सिंह द्वितीय ने उदीसा बेगम व मुईन अली को दोषी करार देते हुए दोनों को सात साल कारावास की सजा सुनाई।