उमर्दा। काऊ प्लांट में बिजली न आने पर करीब 35 हजार लीटर दूध को बचाने के लिए कर्मचारियों ने सरकार के 56 हजार रुपये खर्च कर दिए।
थाना इंदरगढ़ क्षेत्र के बढनपुर वीरहार गांव में काऊ मिल्क प्लांट है। प्लांट में क्षेत्र का दूध खरीद कर वहां पर उसे पैकिंग करने के साथ घी, पनीर, मठ्ठा बनाकर बिक्री के लिए भेजा जाता है। काऊ प्लांट की मशीनें समय पर चले इसके लिए वहां पर बिजली विभाग ने 24 घंटे आपूर्ति करने के लिए अलग से लाइन बिछाकर कनेक्शन किया गया। बिजली व्यवस्था सही करने की मांग को लेकर कई बार काऊ प्लांट प्रभारी प्रदीप वर्मा ने पत्र भेजा, मगर हालात नहीं सुधरे। रविवार की सुबह अचानक 11 बजे बिजली गुल हो गई। प्लांट पर क्षेत्र के गांव- गांव से 35 हजार लीटर दूध खरीद कर लाया गया था। आए दूध सुरक्षित करने के लिए जब बिजली नहीं आई तो कर्मचारियों ने जनरेटर चलाकर दूध को बचाया। प्रभारी ने बताया कि आया दूध खराब न हो इसके लिए आठ घंटे जनरेटर चलाकर उसकी खपत की गई। आठ घंटे जनरेटर चलाने में 56 हजार का डीजल खर्च हुआ। एक घंटे में सात हजार रुपये डीजल की खपत होती है।
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