इस बार 22 मार्च से चैत्र नवरात्र की शुरुआत हो रही है। जैसे-जैसे नवरात्र नजदीक आ रहे हैं, वैसे ही तैयारियां रफ्तार पकड़ती जा रही हैं। देवी मंदिरों के रंगाई-पुताई का काम समाप्त होने की कगार पर है। सिद्घपीठ मां फूलमती मंदिर में माता के शयन के लिए बिस्तर भी तैयार किया जा रहा है।
मूर्तियों को चमकाया जा रहा है। मंदिरों में कलश स्थापना के साथ अखंड ज्योति भी जलाई जाएगी। फूलमती मंदिर के पुजारी शिखर मिश्रा ने बताया कि इस बार चैत्र नवरात्र 22 मार्च 2023 से प्रारंभ होकर 30 मार्च 2023 को समाप्त होंगे। नवरात्र के दिनों देवी मां की विशेष कृपा बरसती है।
बड़ी संख्या में भक्त उपवास रखकर देवी मां के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते है। नौवें दिन भक्त दुर्गा माता की पूजा कर कन्या भोज के साथ हवन-पूजन भी करते हैं। इसी दिन रामनवमी भी मनाई जाती है। नवरात्र को देखते हुए तैयारियों शुरू हो गई है।
उन्होंने बताया कि नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना पर देवी मां के आने का आह्वान किया जाता है। जहां भी कलश स्थापना होती है। वहां देवी मां नौ दिनों के लिए विराजमान हो जाती है। माता के आगमन को लेकर तैयारियां की जा रही है।
मंदिर में साफ-सफाई के साथ रात में माता रानी के शयन के बेड बिस्तर तैयार हो रहे हैं। लाल रंग में डूबे छोटे-छोटे बिस्तरों की शोभा देखते ही बन रही है। वह बताते हैं कि नवरात्र में मंदिर में अखंड ज्योति भी चलती है। इसके लिए भक्त मंदिर कमेटी में संपर्क कर सकते हैं।