सौरिख। खाद के गड्ढों पर गांव के कुछ ग्रामीणों ने अवैध रूप से टिन शेड व झोपड़ी रखकर कब्जा कर लिया था।
शिकायत पर राजस्व टीम पुलिस बल के साथ पहुंची और बुलडोजर से अवैध कब्जों को ध्वस्त कराकर खाद के गड्ढों को कब्जा मुक्त कराया। अभियान के दौरान कब्जेदारों, महिलाओं व पुलिस टीम के बीच नोकझोंक भी हुई।
सौरिख विकास खंड की ग्राम पंचायत कबीरपुर के मजरा नगला समध (राजापुर) में गाटा संख्या 118 व 119 की 31 डिसमिल जमीन खाद के गड्ढों में दर्ज है। इस जमीन पर गांव के शिव सिंह, प्रताप सिंह व मोहित ने झोपड़ी व टिन शेड डाल लिया और नींव भरवाकर कब्जा कर रखा था। शिकायत पर शुक्रवार को पुलिस बल के साथ पहुंची राजस्व टीम ने बुलडोजर से अवैध कब्जे ध्वस्त कराकर जमीन को कब्जा मुक्त कराने के बाद कबीरपुर प्रधान फरहान के सुपुर्द कर दिया। अभियान के दौरान महिलाओं व पुलिस कर्मियों के बीच नोकझोंक भी हुई।
ग्राम प्रधान फरहान ने बताया कि आरआरसी सेंटर के लिए भूमि को चिह्नित किया गया था, जिस पर अवैध कब्जा कर लिया गया था। इसकी शिकायत जिले के आला अफसरों से की गई थी। नायब तहसीलदार ने बताया कि जिस शेष रकबे पर मकान बने हैं, उन पर 67 की कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार भारत कुमार मौर्य, कानूनगो व लेखपाल आशीष अवस्थी, चौकी इंचार्ज राकेश कुमार पटेल पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
कब्जेदार प्रताप सिंह ने पक्षपात का आरोप लगाते हुए बताया कि वर्ष 2016 में बेटे रोहित के साथ गांव के ही अरबाज, मेहराज, सहबाज व इस्तखार ने गालीगलौज करते हुए मारपीट की थी। एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था, जो न्यायालय में विचाराधीन है। यह आरोपी ग्रामप्रधान का करीबी हैं और मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहे हैं।
मना करने पर ग्राम प्रधान ने उनके खिलाफ कार्रवाई कराई। वहीं कबीरपुर गांव के खाद के गड्ढों पर कुछ लोगों के तीन मंजिला मकान बना रखे है, जो प्रधान के करीबी हैं। इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीण का कहना है कि अगर स्थानीय स्तर पर सुनवाई न हुई तो मुख्यमंत्री से शिकायत की जाएगी।