छिबरामऊ। बारिश के बाद खेतों में भरा पानी मक्का और मूंगफली पर आफत बनकर टूटा है। जलभराव से पौधे सड़ने लगे हैं।
प्रेमपुर इलाके के मटेहना गांव में तालाब के किनारे लगभग 20 बीघा खेत अभी तक पूरी तरह से जलमग्न हैं। किसान विनोद कुमार समेत अन्य किसानों के खेत में खड़ी मूंगफली पानी में पूरी तरह से डूबी हुई है। फसल को सड़ने से बचाने के लिए किसानों ने समय से पहले ही पानी में डूबी फसल को उखाड़ना शुरू कर दिया है। पानी के कारण 70 प्रतिशत फसल चौपट हो चुकी है। मक्का की फसल की सबसे ज्यादा दुर्दशा हुई है। खेतों में कटी पड़ी मक्का सड़नी शुरू हो गई है। कुदरत के कहर से बरबाद हुई फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए अब किसान शासन और प्रशासन की ओर निहार रहा है।
मोहल्ला रामनगर में सड़क पर भरा पानी, घरों में कैद लोग
नगर के मोहल्ला राम नगर में सड़कों पर भरा पानी निकासी के समुचित इंतजाम न होने के कारण तीसरे भी नहीं निकल सका। लोग घरों के कैद रहने को मजबूर है। जरूरी काम पड़ने पर लोग गंदे पानी में घुसकर निकलने को मजबूर हैं। मोहल्ले के अनिल कुमार, सौरभ शर्मा, विजय गुप्ता, रामऔतार, त्रिभुवन तिवारी, अजय गुप्ता, राजीव गुप्ता, सुरेश शर्मा, अंकित गुप्ता आदि ने पालिका प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते पानी निकासी के इंतजाम कराए जाने की मांग की है।
.... सौरिख बिधूना मार्ग ईशन नदी के पास धंसी इंटरलॉकिंग सड़क
सौरिख- बिधूना रोड का निर्माण हुए अभी कुछ ही साल बीते हैं। पहली ही बरसात ने निर्माण की पोल खोलकर रख दी। ईशन नदी पुल के पास सड़क के किनारे बनाया गया इंटरलॉकिंग फुटपाथ मिट्टी के कटाव के साथ धंस गया, जिससे सड़क के दोनों तरफ छह स्थानों पर बड़े बड़े गड्ढ़े हो गए है। इन गड्ढों की शीघ्र ही मरम्मत न हुई तो किसी दिन बड़ा हादसा घटित हो सकता है। पालपुर निवासी मेघनाथ सिंह वर्मा, राजकुमार वर्मा नगला पीते, अवनींद्र सिंह, अनीश कुमार जाफराबाद, रामप्रकाश तुलसीपुर ने बताया कि प्रशासन को सड़क धंसने की जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई निरीक्षण करने के लिए नहीं पहुंचा।
फसलों से हुए नुकसान के आकलन में जुटा प्रशासन, नहीं आई सर्वे रिपोर्ट
एसडीएम अशोक कुमार ने बताया कि उन गांवों में फसलों में ज्यादा नुकसान है, जिन गांवों में पानी निकासी के समुचित इंतजाम नहीं है। इलाके के खजुरागढ़, मटेहना, प्रेमपुर, मिघौली, रकरा, भोगपुर, मान नगला, मुइयन नगला, खानपुर कसावा, कसावा, मदारीपुर, कबीरगंज समेत दो दर्जन से अधिक गांवों में ज्यादा नुकसान है। फसलों में हुए नुकसान के आंकलन के लिए 58 लेखपालों को लगाया गया है। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद ही नुकसान का अनुमान लगाया जा सकेगा। शुक्रवार तक किसी भी लेखपाल ने सर्वे रिपोर्ट जमा नहीं की थी।
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पानी के साथ बही तालाब में पल रहीं मछलियां
ग्राम खानपुर कसावा के अवधेश कुमार ने गांव के ही तालाब में मछली पालन करते हैं। मंगलवार की रात हुई बरसाती पानी से तालाब सराबोर होने से खंदी कट गई। तालाब में लगभग एक लाख कीमत की मछलियां पानी के साथ बह गईं।