कन्नौज। अनुशासन, निष्ठा, संयम, एकाग्रता सफलता की कुंजी हैं। बच्चे भारत के ही नहीं, विश्व के भविष्य हैं। भारतीय संस्कृति के पुरोधा अनेकानेक राष्ट्रों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। यह गौरव का विषय है। अपने से बड़ों का आदर करो, मात-पिता, गुरु-राष्ट्र की सेवा करो। सफलता तुम्हारा पथ प्रशस्त करेगी। यह बात जेपीएम में प्रवचन के दौरान महामंडलेश्वर स्वामी गुरु शरणानंद महाराज ने कहीं।
मथुरा से स्वामी गुरुशरणानंद महाराज शुक्रवार को कन्नौज पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने सिद्धपीठ बाबा गौरी शंकर मंदिर पहुंचकर दर्शन किए। इसके बाद जेपीएस में प्रवचन के दौरान बच्चों से मिले। महाराज के पहुंचते ही बच्चों और शिक्षकों ने सस्वर वाचन के स्वराें और फूलों की बारिश का स्वागत किया। उद्बोधन के दौरान उन्होंने बच्चों से भारतीय संस्कृति से जुड़े प्रश्न भी पूछे, जिसका बच्चों ने उत्साह के साथ उत्तर दिए। बाद में बच्चों को रजत सिक्का एवं प्रसाद दिया। डायरेक्टर अवधेश मिश्रा वीरू ने उनका अभिनंदन - वंदन करते हुए कहा कि सत्संग से अज्ञान का समूल नाश हो जाता है और ज्ञान का दीपक दैदीप्यमान हो जाता है। इस दौरान सेक्रेटरी उपेंद्र मिश्रा, प्रधानाचार्य डॉ. संजय शुक्ला, शिक्षक अमित मिश्रा आदि मौजूद रहे।