पुलिस की जांच में सामने आया कि उसका अपने ही सगे मामा हरदोई जिला के अरवल थाना के कतरनापुर निवासी परवेंद्र से प्रेम प्रसंग था। वारदात के बाद से दोनों गायब था। कोई सुराग नहीं मिला था। करीब एक साल बाद दोनों को पश्चिम बंगाल के कोलकाता के पास से गिरफ्तार किया था। तब से दोनों जिला जेल में ही हैं।
ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष ने 13 गवाह पेश किया। इसी मामले की बुधवार को सुनवाई करते हुए जिला जज अजय श्रीवास्तव ने दोनों को दोषी करार दिया। उन्होंने संगीता व उसके कथित प्रेमी परमेंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।