कन्नौज। पांच दिन पहले पहली फरवरी को केंद्रीय बजट की ही तरह अब प्रदेश सरकार की ओर से जारी बजट में भी जिले के हिस्से कोई खास सौगात नहीं आई। विकास और कल्याण से जुड़ी योजनाओं के ऐलान के बीच लोगों को उम्मीद थी कि चुनावी वर्ष में जिले के हिस्से में कोई सौगात जरूर आएगी। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। खासकर इत्र पार्क के लिए अलग से किसी बजट का जिक्र नहीं हुआ। न ही मेडिकल कॉलेज की सुविधा बढ़ाने और उसमें बंद पड़े अस्पतालों को संचालित करने की बात सामने आई।
लोकसभा चुनाव की सुगबुगाहट के बीच बजट से लोगों को ढेरों उम्मीदें थीं। इत्र कारोबार की तरक्की के लिए बजट में अलग से कोई ऐलान नहीं हुआ। न ही यहां के आलू उत्पादकों के लिए आलू आधारित किसी उद्योग को शुरू करने की बात हुई। जबकि लोगों को उम्मीद थी कि इन दोनों ही मुद्दों पर सरकार जरूर कोई ऐलान करेगी। विधानसभा में प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के बजट भाषण पर लोग उम्मीद के साथ टकटकी लगाकर टीवी सेट से चिपके रहे। इंतजार था कि अपने जिले के लिए सीधे-सीधे क्या ऐलान होगा, लेकिन बजट भाषण के साथ ही लोगों की उम्मीद भी खत्म हो गई। बजट में सीधे तौर पर जिले की झोली में किसी सौगात न मिलने से मायूसी देखने को मिली।
फोटो:32: उमर्दा में बंद पड़ा काऊ मिल्क प्लांट । संवाद
काऊ मिल्क प्लांट संचालन की जगी उम्मीद
-सरकार ने बजट में दुग्ध संघों को पुनर्जीवित करने के लिए बजट किया प्रस्तावित
संवाद न्यूज एजेंसी
तिर्वा। तीन साल से बंद पड़े काऊ मिल्क प्लांट उमर्दा के संचालन होने की उम्मीद जाग गई है। यूपी सरकार के बजट घोषणा पत्र में दुग्ध संघों को पुनर्जीवित करने के लिए बजट प्रस्तावित किया गया है।
तिर्वा तहसील क्षेत्र के उमर्दा स्थित काऊ मिल्क प्लांट का 2018 को करीब 141 करोड़ रुपये की लागत से बनाकर एक लाख लीटर दुग्ध की क्षमता समेत आधुनिक मशीनों से प्लांट की शुरुआत की गई थी। कुछ दिनों तक सब कुछ ठीक-ठाक चलता रहा। इसके बाद प्लांट पर दूध की बिक्री करने वाले किसानों को भुगतान में देरी होने लगी जिसके चलते किसानों ने प्लांट पर दूध ले जाना बंद कर दिया। प्लांट की क्षमता के अनुसार दूध न आना समेत बजट के अभाव से प्लांट बंद हो गया।
बंद पड़े प्लांट की मशीनें धूल फांक रही हैं। प्लांट को संचालित करने के लिए शासन ने प्राइवेट संस्थाओं के हवाले करने की भी योजना बनाई थी, लेकिन किसी कारणवश योजना विफल हो गई। इसके बाद शासन ने स्वयं ही बंद पड़े काऊ मिल्क प्लांट को संचालित करने की रूपरेखा बनाई है। सोमवार को राज्य सरकार के प्रस्तावित बजट से जल्द ही प्लांट शुरू होने की उम्मीद जाग गई है। काऊ मिल्क प्लांट के जीएम मनीष चौधरी ने बताया कि बजट मिलते ही प्लांट का संचालन किया जाएगा।
इनसेट
आलू आधारिक उद्योग का ऐलान न होने से एक लाख से ज्यादा किसान मायूस
कन्नौज में बड़े पैमाने पर आलू का उत्पादन होता है। आलू उत्पादन में प्रदेश के टॉप तीन जिलों में शामिल कन्नौज में इस फसल से जुड़ा कोई उद्योग नहीं है। यहां आलू आधारित उद्योग लगाने की मांग उठती रही है। जिससे आलू की अच्छी कीमत भी मिले और युवाओं को रोजगार भी मिले। पिछली बार की ही तरह इस बार भी इस विषय पर किसी तरह की कोई बात नहीं हुई। इससे जिले के एक लाख से ज्यादा आलू किसानों को मायूसी लगी है।
नेताओं ने रखे अपने-अपने पक्ष
फोटो:29: वीर सिंह भदौरिया
प्रदेश सरकार ने अपने बजट में सभी वर्ग का ध्यान रखा है। किसान, नौजवान, महिलाएं, कर्मचारी हित बजट में शामिल है। सभी वर्ग का कल्याण होगा।
वीर सिंह भदौरिया, भाजपा जिलाध्यक्ष
फोटो: 29: नवाब सिंह
दो दिन पहले ही मुख्यमंत्री यहां आए थे। कन्नौज के लिए कई बड़ी बातें की थीं। सपा शासन में मंजूर इत्र पार्क का लोकार्पण किया, लेकिन इसके लिए कोई बजट नहीं दिया। जिले की पूरी तरह से अनदेखी की गई है।
नवाब सिंह यादव, सपा
फोटो:30: दिनेश पालीवाल
बजट में सिर्फ छलावा है। बेरोजगारी खत्म करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। नौकरी देने का कोई रोडमैप नहीं है। न ही महंगाई को काबू में करने की योजना है। सिर्फ आंकड़ेबाजी की गई है।
दिनेश पालीवाल, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
फोटो: 31: प्रभात गौतम
यूपी सरकार का बजट जमीनी हकीकत से कोसों दूर है। तो किसानों की आय दोगुनी हुई और ना ही युवाओं को दो करोड़ हर साल सरकारी नौकरी मिली। डबल इंजन की सरकार बेरोजगारी, महंगाई रोकने में नाकाम सिद्ध हुई है।
प्रभात गौतम, जिलाध्यक्ष आजाद समाज पार्टी
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