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कन्नौज : कायाकल्प टीम के सामने ग्लब्स नहीं पहन पाई स्टाफ नर्स

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फोटो10सीएचबीपी51: फॉर्मासिस्ट से दवाओं के स्टॉक के बारे में जानकारी लेती कायाकल्प टीम। संवाद - फोटो : CHIBRAMAU
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छिबरामऊ। 100 शैया अस्पताल में कायाकल्प के पीयर असिसमेंट के लिए पहुंची टीम के सामने व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के बाद भी कई कर्मचारी बिना एप्रिन पहने मिले। स्टाफ नर्स तो ग्लब्स पहनने का तरीका भी नहीं बता पाईं। हद तो यह कि वार्ड की टूटी टाइल्स को सर्जिकल टेप से चिपकाया गया था।
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उन्नाव से पीयर असिसमेंट के लिए डॉ. पुष्पा, डॉ. ममता, जिला मुख्यालय से डॉ. सुनील प्रजापति की टीम सौ शैया अस्पताल पहुंची। टीम ने औषधि वितरण कक्ष से मूल्यांकन की शुरुआत की तो यहां मौजूद फार्मासिस्ट टीम के कई सवालों के जवाब नहीं दे सके। यहां से टीम इमरजेंसी वार्ड पहुंची, जहां ड्यूटी पर तैनात स्टॉफ नर्स ग्लब्स पहनने का तरीका नहीं बता सकी।
इसके बाद गायनी वार्ड में तैनात स्टॉफ नर्सों से जानकारी ली। स्टोर में दवाओं की जानकारी जिम्मेदार नहीं दे सके और न ही स्टाक की पोर्टल कॉपी दिखा सके। स्टोर में लगभग 1000 ऑक्सीटोसिन के इंजेक्शन ऐसे मिले, जिनकी एक्सपायरी डेट करीब आ चुकी है। कायाकल्प की टीम ने अस्पताल की रसोई, वैक्सीनेशन, सैंपलिंग, बियोन द बाउंड्री, कूड़ा निस्तारण केंद्र सहित कई जगहों का निरीक्षण नहीं किया। टीम अपने असिसमेंट की रिपोर्ट बनाकर लखनऊ में एनएचएम को भेजेगी।
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कायाकल्प के लिए आई टीम को एक कमरे की दीवार पर डॉक्टर कैंटीन का बोर्ड लगा दिखा, लेकिन जब टीम अंदर गई तो दवाओं का स्टोर था। इसी से जुड़े कमरे के बाहर किचन लिखा था, लेकिन जब गेट खुलवाया गया तो उसमें भी स्टोर का ही सामान था। अस्पताल में कहीं भी लेडीज टॉयलेट नहीं लिखा था। इस पर टीम ने नाराजगी जताई। इसके अलावा कुछ अग्निशमन यंत्र भी एक्सपायरी डेट के मिले।
छिबरामऊ। कायाकल्प की टीम ने दोपहर में अस्पताल की छत पर लगी पानी की टंकियों का निरीक्षण किया तो यहां का नजारा देख उनका पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। तीन टंकियों में ढक्कन नहीं लगे थे, जिसमें बंदर और कबूतर गोते लगा रहे थे। इसी टंकी का पानी अस्पताल में भर्ती मरीज और तीमारदार पीते हैं। टीम ने जब रसोई का निरीक्षण किया तो वहां मेन्यू चार्ट नहीं लगा था।
इस पर रसोइया प्रदीप कुमार को फटकार लगाई और उनको नोटिस देने के लिए कहा गया। अस्पताल में भर्ती मरीजों को दूध और फल देने की व्यवस्था है, लेकिन मरीजों को सिर्फ दलिया, मूंग की दाल और रोटी ही दी जा रही है। वैक्सीनेशन रूम में टीम को फ्रीजर नहीं मिला।

फोटो 10सीएचबीपी52: गायनी में तैनात स्टॉफ नर्सों से जानकारी लेती टीम। संवाद- फोटो : CHIBRAMAU

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