कन्नौज। सरकार नई निर्यात नीति लेकर आई है। अगर कोई व्यापारी अपने उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए विदेश जाता है तो उसका किराया सरकार वहन करेगी। ठठिया क्षेत्र में निर्माणाधीन इत्र पार्क का निर्माण कार्य 15 नवंबर तक पूरा हो जाएगा। यह बात सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन के अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने कही।
बुधवार को अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल कलक्ट्रेट सभागार में इत्र व्यापारियों के साथ बैठक करने आए थे। दोपहर 1:40 बजे शुरू हुई बैठक में कहा कि एक जिला, एक उत्पाद में शामिल इत्र के लिए जो कच्चा माल बाहर से आता है, उसको स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने के लिए सीमैप रिसर्च करने सुरस एवं सुगंध विकास केंद्र (एफएफडीसी) आएगा। पैकेजिंग बेहतर करने के लिए भी विशेषज्ञों से संपर्क साधा है।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि व्यापारी अगर कोई मशीन लगाते हैं तो उसके 90 फीसदी बजट का सहयोग सरकार करेगी। यह भी कहा कि व्यापारी की ओर से विदेश में प्रदर्शनी लगाने, वहां तक आने-जाने या कोरियर से अपने उत्पाद का सैंपल भेजने का खर्च भी सरकार वहन करेगी।
सांसद सुब्रत पाठक ने कहा कि इत्र पार्क पिछली सरकार से बन रहा है, लेकिन उसकी कोई दिशा तय नहीं थी। पिपरमेंट की समस्या को लेकर वह मुख्यमंत्री से भी मिल चुके हैं। इत्र बनाने वाली पौध, जड़ी-बूटी आदि का कन्नौज में रिसर्च हो तो अच्छा रहेगा। इस मौके पर यूपीसीडा के एमडी मयूर महेश्वरी, डीएम शुभ्रांत शुक्ल, एडीएम गजेंद्र कुमार, उद्योग केंद्र उपायुक्त धनंजय सिंह व एफएफडीसी के निदेशक शक्ति विनय शुक्ल भी मौजूद रहे।
कन्नौज-लखनऊ मिलकर आयोजित करेंगे अंतरराष्ट्रीय इत्र महोत्सव
अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने कहा है कि 15 नवंबर तक इत्र पार्क का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद दिसंबर के पहले सप्ताह में लखनऊ में अंतरराष्ट्रीय इत्र महोत्सव होगा। राजधानी में सेमिनार होगा। फ्रांस आदि से जो भी डेलीगेट आएंगे, वह कन्नौज का भ्रमण भी करेंगे। इसका आयोजन कन्नौज और लखनऊ मिलकर करेंगे।
इत्र को उद्योग के अलावा पर्यटन से भी जोड़ा जाएगा। अपर मुख्य सचिव ने नवनीत सहगल ने कहा कि इत्र पार्क में शोरूम खोलने, पर्यटकों आदि के रुकने की व्यवस्था भी की जाएगी। गैस पाइप लाइन शुरू करने के लिए भी चर्चा हुई। ठठिया इलाके में पहले चरण में 30 एकड़ और दूसरे चरण में 27 एकड़ जमीन में इत्र पार्क बनेगा। दूसरे चरण के लिए जमीन खरीदने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा गया है।
इत्र व्यापारियों से अपर मुख्य सचिव ने कहा कि अभी इत्र का व्यापार 250 करोड़ रुपये का है। इसे 2500 करोड़ रुपये तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने व्यापारियों से कहा कि सोच बड़ी रखो तो कामयाबी भी बड़ी मिलेगी। स्थानीय स्तर पर कच्चा माल उपलब्ध कराने पर किसानों का भी भला होगा।
द अतर एंड परफ्यूमर्स एसोसिएशन अध्यक्ष पवन त्रिवेदी और इत्र व्यापारी विवेक नरायन मिश्र ने अपर मुख्य सचिव को प्रस्ताव भी दिए। इसमें इत्र पार्क जल्द बनाने और इंड्रस्ट्रियल एरिया का विस्तार करने की बात कही गई। कई अन्य समस्याएं भी बताई गईं।
अपर मुख्य सचिव ने व्यापारियों से उद्योग में आने वाली दिक्कतों के बारे में भी पूछा। इस पर प्रांजल कपूर ने कारखाने से पानी के निकास की व्यवस्था की बात रखी। चंदन के तेल के लिए पौध, ट्रांसपोर्ट, टेस्टिंग लैब, कमर्शियल लैब आदि पर भी चर्चा हुई। व्यापारियों की मांग पर स्थानीय स्तर पर कमेटी बनाई गई। 27 अगस्त को एफएफडीसी में बैठक होगी। व्यापारी अपने-अपने प्रस्ताव और समस्याओं की लिस्ट बनाकर देंगे।