तेराजाकेट। तालग्राम विकास खंड की ग्राम पंचायत नरुइया में हैंडपंप रिबोर की हुई जांच में गबन की बात सामने आई है। प्रधान और तत्कालीन सचिव इसमें फंस सकते हैं। डीएम ने दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह में स्पष्टीकरण न मिलने और संतोषजनक जवाब न होने पर इनसे एक लाख 71 हजार 964 रिकवरी की जाएगी।
ग्राम पंचायत नरुइया के महेंद्र सिंह, सर्वेश चंद्र, अंशू और निहाल सिंह ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी। इसमें बताया कि प्रधान सरोजनी देवी और तत्कालीन ग्राम सचिव ने कई हैंडपंप रिबोर दिखाकर उन्हें ठीक कराने के नाम पर घोटाला किया है। 21 जुलाई को नोडल अधिकारी उप कृषि निदेशक, अवर अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की गठित टीम ने जांच की थी। इसमें पाया गया था कि जीतू के दरवाजे की जगह हैंडपंप घेरे में था और चालू भी नहीं था।
लक्ष्मण के दरवाजे की जगह घर के पीछे नई बोरिंग की गई थी और उसमें मोटर पड़ी थी। गांव से एक किलोमीटर दूर एकांत में बने बेंचेलाल के घर के बाहर लगे हैंडपंप में पीली बालू आ रही थी, यह पानी पीने योग्य नहीं था। महेश चंद्र के यहां हैंडपंप चालू नहीं था और फाउंडेशन नहीं बना था।
अपूर्ण कार्य पर राजकीय धन का अनियमित रुप से उपयोग किया गया था। अनियमितता मिलने पर डीएम शुभ्रांत शुक्ल ने प्रधान सरोजनी देवी और तत्कालीन सचिव रमेश चंद्र को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। डीपीआरओ जितेंद्र मिश्रा ने बताया कि नोटिस प्राप्त के एक सप्ताह में ठीक जवाब न मिलने पर एक लाख 71 हजार 964 की रिकवरी की जाएगी।