तिर्वा। नवरात्र के प्रथम दिन मंगलवार को बरका गांव में श्रीमद् भागवत कथा के शुभारंभ पर कलश यात्रा के दौरान झंडे में करंट उतर आया। हादसे में 10 लोग करंट की चपेट में आकर झुलस गए। झुलसों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। दो की हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने कानपुर रेफर कर दिया है। हादसे की सूचना पर मेडिकल कॉलेज पहुंची सीओ ने घायलों का हालचाल लिया और घटना की जानकारी ली।
नवरात्र शुरू होते ही मंगलवार को तिर्वा कोतवाली क्षेत्र के बरका गांव राजा में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया गया। कथा के शुभारंभ पर कलश यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों समेत गांव की महिलाओं ने भाग लिया। कलश यात्रा के दौरान तिर्वा-गुरसहायगंज मार्ग पर धोबीघाट पुल के पास ईशन नदी से लोग कलश में जल भरने लगे। इसी दौरान ऊपर से निकली एचटी लाइन में झंडा छू गया। जिससे झंडे में करंट उतर आया और करंट की गांव निवासी प्रीति (16), उपासना (15), कुलदीप (27), जानकी (16), गौरी (14), सलोनी (16), काजल (15), बीना कुमारी (8), लाली (16), जानकी (5) समेत 10 लोग चपेट में आ गए। घटना देख यात्रा में मौजूद लोगों के बीच अफरातफरी मच गई और घायलों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। प्रीति व उपासना की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने कानपुर के लिए रेफर कर दिया है। घटना की सूचना मिलते ही सीओ डॉ. प्रियंका वाजपेयी ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर घायलों का हालचाल लिया।
प्रशासन से नहीं थी अनुमति
धार्मिक समेत अन्य कार्यक्रमों के आयोजन को लेकर प्रशासन से अनुमति लेने की व्यवस्था बनाई गई है। इसके बावजूद भी गांव में आयोजित हो रही श्रीमद् भागवत की अनुमति नहीं ली गई थी। कोतवाल जेपी गंगवार ने बताया कि आयोजक ने कलश यात्रा के लिए कोई अनुमति नहीं ली थी।