कन्नौज। इत्र कारोबार के बाद शहर में दूसरा अगरबत्ती कारोबार बड़े पैमाने पर होता है। एफएफडीसी के सहयोग से यहां फूलों से लेकर जूट, गोबर और लकड़ियों की राख से अगरबत्ती तैयार होती हैं। अब कन्नौज के हुनर से देश के कई राज्यों में इत्र कारोबार महकेगा। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से 10 राज्यों के कारोबारियों और खादी ग्रामोद्योग कर्मचारियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा।
केंद्र सरकार की पहल पर सुगंध एवं सुरस विकास केंद्र (एफएफडीसी) में 20 से 28 जनवरी तक अगरबत्ती उद्योग प्रशिक्षण का आयोजन होगा। इसमें राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड, जम्मू कश्मीर, मध्यप्रदेश समेत 10 राज्यों के 20 कारोबारी और खादी ग्रामोद्योग के कर्मचारियों को अगरबत्ती उद्योग का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
एफएफडीसी के निदेशक शक्ति विनय शुक्ला ने बताया कि अगरबत्ती और धूपबत्ती कारोबार की जान खुशबू है। खुशबू की पहचान कर इसका प्रयोग करना कारोबार की पहली सीढ़ी होती है। इसके बाद कच्चे माल गोबर, नारियल के जूट, लकड़ी, इत्र कारखानों व मंदिर में चढ़े हुए फूलों के पाउडर से अगरबत्ती बनाकर मार्केट में बिक्री की जाएगी। प्रशिक्षण लेने लोगों को अगरबत्ती कारखानों का भ्रमण कर कारोबारियों के साथ बैठक कर हुनर साझा किया जाएगा। कई राज्यों से प्रशिक्षण लेने वाले लोग ने आकर पंजीकरण कराना शुरू करा दिया है।
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शहर में अगरबत्ती उद्योग पर एक नजर
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-शहर में छोटे-बड़े 70 अगरबत्ती और धूपबत्ती के कारखाने है
-कारखानों में सात सौ ऑटामेटिक मशीनों का संचालन।
-सालाना 300 करोड़ का होता व्यापार।
-अगरबत्ती तैयार कर ब्रांडेड कंपनियों को देते आपूर्ति।