छिबरामऊ। फर्रुखाबाद के तीन वकीलों को फर्जी मुकदमे में जेल भेजना पुलिस की निरंकुशता की पराकाष्ठा है, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह विचार बार कौंसिल आफ उत्तर प्रदेश के सह अध्यक्ष अनुराग पांडेय ने छिबरामऊ में वकीलाें के बीच व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि वकीलों का उत्पीड़न न रुका तो शीघ्र ही रणनीति बनाकर पूरे प्रदेश में आंदोलन शुरू किया जाएगा। फर्रुखाबाद के जिन तीन वकीलों को गिरफ्तार किया गया है, उनकों लेकर उच्चाधिकारियों से वार्ता की जा रही है। साथ ही अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम को लेकर कमेटी बनाई जा चुकी है। कमेटी से वार्ता चल रही है। इस ही इस अधिनियम के लागू कराया जाएगा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामचंद्र मिश्रा, महासचिव चंद्रजीत यादव ने हाइवे पर वकीलों को टोल शुल्क से मुक्त किए जाने की मांग की। इस पर उन्होंने आश्वस्त किया कि इस संबंध में पहले ही केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखा जा चुका है। इससे पहले उन्होंने बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों से वकीलों के सीओपी रिन्यूवल के 222 प्रपत्र जमा किए। इस मौके पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजीव दुबे, पूर्व महासचिव सुशील पांडेय, रूपेश दुबे, हैपी मिश्रा, मोहित यादव, आदित्य यादव सहित कई वकील मौजूद रहे।