फोटो:12- डीएम शुभ्रान्त शुक्ल से अपनी बात कहने के बाद जानकारी देतीं आईपीआरपी की महिलाएं। संवाद
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत काम करने वाली इंटरनल प्रोफेशनल रिसोर्स पर्सन (आईपीआरपी) महिलाओं ने कहा कि अगर उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ तो 25 सितंबर से वह धरना देंगी।
इसको लेकर सोमवार को कलक्ट्रेट में डीएम शुभ्रांत शुक्ल को पत्र भी दिया गया।
सोमवार को आईपीआरपी प्रीती कटियार ने बताया कि लखनऊ से अब हाजिरी व अन्य कार्य के लिए एप जारी किया गया है, जो उन लोगों को मंजूर नहीं है।
10 से 12 महीनों का मानदेय अब तक नहीं मिला है, जबकि कई बार अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है। आईपीआरपी अंशू मिश्रा ने कहा कि पहले 20 से 25 हजार रुपये मानदेय मिलता था, उसके बाद आधे से कम कर दिया गया।
करीब एक साल से भुगतान नहीं मिला है। ममता राठौर ने कहा कि जल्द ही सभी महिलाएं मिलकर धरना देंगी। संगीता ने बताया कि अधिकारियों ने लखनऊ का मामला होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया है, अब वह नेताओं से शिकायत करेंगी। इस मौके पर रूमी कटियार, शकुंतला, शशि कश्यप, ज्योति, रामलक्ष्मी, सोनम मौजूद रहीं।