कन्नौज। करीब 11 साल पहले खेत की मेढ़ विवाद में जानलेवा हमला करने के मामले में फास्ट ट्रैक सेकेंड कोर्ट ने दंपति, पुत्र व दामाद को दोषी करार दिया है। जज हरेंद्र नाथ ने सभी को सात-सात साल कारावास की सजा सुनाई है।
साथ ही सभी पर 13-13 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने जुर्माना राशि का 25 प्रतिशत पीड़ित पक्ष को दिए जाने का आदेश दिया है।
शासकीय अधिवक्ता संत कुमार दुबे ने बताया कि ठठिया थाना क्षेत्र के पल्यौरा गांव निवासी धर्मेंद्र सिंह ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि 25 जुलाई 2013 की सुबह छह बजे खेत में पानी लगा रहा था। तभी परिवार के ही ज्ञान स्वरूप, उसकी पत्नी ज्योति लता, बेटा गुलवीर, उनका दामाद छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के हनुमान गढ़ी निवासी सोनू अपने हाथों में कुल्हाड़ी, तलवार, फरसा और अवैध असलहे लेकर उसके पास पहुंचे।
खेत की मेढ़ काटने की बात कहते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर उसके ऊपर हमला बोल दिया। शोरगुल सुनकर बचाने आई मां मुन्नी देवी पर जानलेवा हमला कर दिया। मां को मारपीट कर मरणासन्न हालत में छोड़ दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना की।
इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाह पेश किए गए। सोमवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट सेकेंड के जज हरेंद्रनाथ ने ज्ञान स्वरूप, उसकी पत्नी ज्योतिलता, बेटा गुलवीर व दामाद सोनू उर्फ दीपू को सात-सात साल कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी पर 13-13 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
कोर्ट ने धारा 308 में सात साल और 10 हजार रुपये, 324 में दो साल व दो हजार रुपये, 325 में दो साल कारावास व एक हजार रुपये जुर्माना लगाया है। अधिवक्ता ने बताया कि कोर्ट ने जुर्माना की रकम का 25 प्रतिशत पीड़ित पक्ष को देने आदेश दिया है। सजा सुनाए जाने के बाद सभी को न्यायिक हिरासत में लेकर जिला जेल भेजा गया। बताया कि बेटा गुलवीर के खिलाफ एनबीडब्लू वारंट जारी हुआ था और वह पहले से ही जेल में बंद है।