गुरसहायगंज। होली पर नशे करने से मना करने पर खफा पति ने पत्नी की गोली मारकर हत्या करदी। इसके बाद खुद भी पंखे में फंदा से लटककर जान दे दी। सोमवार की रात हुई दोहरी मौत की जानकारी मंगलवार की सुबह तब हुई जब बच्चे सुबह जागे। इसके बाद बाबा को पूरी जानकारी दी। जानकारी मिलते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई। देखते ही देखते गांव वालों का मजमा उमड़ पड़ा। पुलिस ने मौके से एक तमंचा बरामद किया है। दोनों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। एएसपी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर परिवार से पूरी जानकारी ली है।
यह घटना गुरहसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के ग्राम जुनेदपुर के मजरा पाठकनपुरवा में हुई। बताया जा रहा है कि गांव निसासी राधेश्याम जाटव का पुत्र संजू जाटव (30) मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। वह नशे का आदी था। इसी वजह से पत्नी गीता (28) से अक्सर उसका विवाद होता रहता था। बताया जा रहा है कि सोमवार की रात भी नशे को लेकर पत्नी के टोकने पर दोनों में विवाद हो गया। गुस्से में आकर संजू ने 315 बोर के तमंचे से पत्नी गीता की कनपटी में गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पत्नी की मौत से वह घबरा गया और खुद भी कमरे में ही पंखे पर रस्सी का फंदा डालकर लटक गया। रात में हुई इस घटना की जानकारी किसी को नहीं हो सकी। पुलिस ने दोनों के शव को कब्जे में लेकर तफ्तीश शुरू कर दी है। परिवार ने किसी के खिलाफ शिकायत भी नहीं की है।
सुबह पोती ने बाबा को दी पिता की मौत की जानकारी
मंगलवार की सुबह संजू की छह वर्षीय पुत्री लाजो ने घर से कुछ ही दूरी पर रह रहे बाबा राधेश्याम को जाकर बताया कि पिता का शव फंदे से लटका है। राधेश्याम ने बताया कि घर पहुंचने पर उन्होंने पहले चारपाई पर गीता को मृत अवस्था में देखा और इसके बाद जब अंदर कमरे में गए तो वहां संजू का शव छत में लगे पंखे से झूल रहा था। घटना की जानकारी उन्होंने प्रधान अरुण कुमार को दी।
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मौके पर पहुंचे पुलिस अफसर, जुटाई जानकारी
वारदात की सूचना पर पहले मझपुरवा चौकी प्रभारी सुरेश चंद्रपाल मौके पर पहुंचे। उनकी सूचना पर एएसपी डॉ. अरविंद कुमार और कोतवाली प्रभारी जितेंद्र प्रताप सिंह भी पहुंचे और छानबीन कर जानकारी ली। एएसपी ने बताया कि परिवार और गांव वालों से मिली जानकारी के आधार पर पति-पत्नी के बीच विवाद का मामला सामने आया है। नशे में होने के कारण संजू ने पत्नी को पहले मार दिया इसके बाद डर की वजह से खुद भी आत्महत्या कर ली। फिर भी मामले की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रोज झगड़ते थे दंपती, पड़ोसी भी नहीं देते थे ध्यान
नशे को लेकर हुए विवाद ने पति ने पत्नी की जान ली, बल्कि तीन मासूम बच्चों के सिर से मां-बाप का साया उठ गया। तीन बच्चों में से सिर्फ आठ वर्षीय बेटी लाजो ही घर में सोई हुई थी, जबकि संजू का बड़ा बेटा 10 वर्षीय करण पांच वर्षीय छोटे भाई अर्जुन के साथ फूल बंगला में रह रहे बाबा के घर थे। रात हुई इस घटना के बाद भी किसी ने कोई शोर नहीं सुना। यह मामला ग्रामीणों में चर्चा का विषय है। संजू का छोटा भाई मंजू जो अविवाहित है पिता के साथ रहता है। पुलिस के मुताबिक मृतक के घर से एक चिलम और शराब की शीशी पर लगाए जाने वाले रैपर भी मिले हैं।
एक कमरे में रहता था परिवार, पिता की है फूस की झोपड़ी
ग्रामीणों के मुताबिक संजू का परिवार बेहद गरीबी से जूझ रहा था। वर्ष 2005 में आवास बनाने के लिए मिले 25 हजार रुपये से उसने एक कमरा बनवाया था। उसी में वह बच्चों के साथ रहता था। जबकि पिता के पास मकान नहीं है। वह संजू के मकान से करीब 50 कदम की दूरी पर फूस की झोपड़ी बनाकर रहता है। संजू के पिता राधेश्याम ने बताया कि उनके पास खेती नहीं है। संजू सहित सभी लोग मजदूरी कर किसी प्रकार पेट पालते थे। संजू का पत्नी से अक्सर इसी को लेकर झगड़ा होता रहता था।