कन्नौज। जिला अस्पताल में सोमवार को एक घंटे तक बिजली गुल रहने से बीमारी से जूझ रहे मरीजों की मुसीबत और बढ़ गई। एक घंटे बाद बिजली आने पर भी कई बार ट्रिपिंग हुई। जनरेटर चलाकर राहत देने की कोशिश अस्पताल प्रशासन ने की, लेकिन यह बहुत सफल नहीं हुई। दरअसल, जनरेटर से सिर्फ पंखे ही चलाए जा सके, कूलर व अन्य उपकरण शोपीस बनकर रह गए। वार्डों से बाहर निकलकर मरीज और तीमारदार हाथ के पंखे से राहत पाने की कोशिश करते नजर आए।
जिला अस्पताल को बहादुरपुर फीडर से बिजली की आपूर्ति की जाती है। फीडर में लगी मशीनों की इन दिनों टेस्टिंग हो रही है। टेस्टिंग के चलते सोमवार दोपहर लगभग 12 बजे जिला अस्पताल की बिजली गुल हो गई। एक बजे बिजली आई, लेकिन बीस मिनट बाद फिर ट्रिपिंग होने लगी। भीषण गर्मी में बिजली गुल होने के कारण अस्पताल के कूलर और एसी बंद हो गए।
पंखे जनरेटर से चले, लेकिन उमस भरी गर्मी में इससे भी कोई राहत नहीं मिली। मरीज और उनके तीमारदार राहत की उम्मीद में वार्ड से बाहर आ गए। किसी ने हाथ के पंखों का सहारा लिया तो महिलाएं दुपट्टे से हवा करती नजर आईं। गदनपुर वड्डू मकरंदनगर में रहने वाली आरती ने बताया कि उनकी बेटी अस्पताल में भर्ती है। बार-बार बिजली चले जाने से बेटी बिलखने लगती है। इससे वार्ड के बाहर बेटी को लाना पड़ता है।
प्रभारी सीएमएस रवींद्र कुमार ने बताया कि बिजली आपूर्ति के चलते कुछ दिक्कतें सामने आई है, लेकिन जनरेटर चलने के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित नहीं हुई हैं।