तालग्राम। घर-घर सक्रिय क्षय रोगी खोजने का विशेष अभियान गुरुवार से शुरू किया गया। यह अभियान पांच दिसंबर तक चलेगा। इस बीच तालग्राम सीएचसी के डाट्स सेंटर पर दो दिनों से ताला लटक रहा है। इससे क्षय रोगी व उनके परिजन दवा के लिए भटक रहे हैं और चक्कर लगा कर लौट रहे हैं।
क्षय रोग एक ऐसी बीमारी है, जो माइकोबैक्टेरियम ट्यूबरक्लोसिस नामक जीवाणु से होती है। इसका ज्यादातर असर फेफड़ों पर होता है। इससे फेफड़ों की टीबी बन जाती है। जांच में क्षय रोग की पुष्टि होने पर निशुल्क उपचार के साथ रोगी को उसके बैंक खाते में निक्षय पोषण योजना के तहत 500 रुपये प्रतिमाह अच्छे खान-पान के लिए दिए जाएंगे। अधिकारियों की लापरवाही के चलते तालग्राम सीएचसी डाट्स सेंटर पर अधिकतर ताला लटकता रहता है। यहां तैनात कर्मचारी मनमर्जी से आते जाते हैं। गुरुवार को भी डाट्स सेंटर बंद था। अनीभोज निवासी अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि पत्नी सोनी का 18 माह से इलाज चल रहा है। दवा खत्म होने पर बुधवार को सेंटर पर दवा लेने आए पर ताला लगा मिला। दो बजे तक इंतजार कर लौट गए। गुरुवार को भी सेंटर पर कोई कर्मचारी नहीं मिला। वहीं उजमा ने बताया भाई की टीबी दवा लेने आई है लेकिन सेंटर बंद है। सेंटर पर तैनात ब्लाक टीवी ट्रीटमेंट सुपरवाइजर रमन नारायण को जानकारी के लिए कई बार फोन किया गया लेकिन रिसीव नहीं हुआ।
सीएचसी प्रभारी बोले, दवा लेने गई थी टीम
सीएचसी प्रभारी डॉ.कुमारिल मैत्रेय का कहना है कि तैनात कर्मचारी खोजी अभियान के लिए दवा लेने कन्नौज गए थे इस कारण सेंटर बंद था। क्षय रोगियों की सुविधा को लिए अलग से दवा काउंटर पर उपलब्ध कराई जाएगी।