कन्नौज। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को जांच की त्वरित सुविधा मिल सके इसके लिए विधायक निधि से छह अस्पतालों में हेल्थ एटीएम लगाए गए हैं। लाखों रुपये की लागत की यह मशीनें शोपीस बनकर रह गई हैं। कहीं जांच के लिए स्टिक नहीं हैं तो कहीं दूसरे उपकरण न होने की वजह से हेल्थ एटीएम बीमार पड़े हैं। कुछ बंद भी पड़े हैं।
जिले के लोगों को बेहतर और हाईटेक स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए करीब एक साल पहले विधायक निधि से जिले के तिर्वा, सौरिख, हसरेन, तालग्राम, विशुनगढ़ व छिबरामऊ सीएचसी में हेल्थ एटीएम लगाए गए थे। इस हेल्थ एटीएम की मदद से मरीजों की 59 तरह की जांचें सिर्फ 10 मिनट में हो जाती हैं। अलग-अलग जांच रिपोर्ट के लिए अलग-अलग स्टिक लगाई जाती हैं। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते हेल्थ एटीएम खुद बीमार पड़ गए हैं। कहीं जांच वाली स्टिक खत्म हो गईं तो कहीं किसी उपकरण की खराबी की वजह से मशीन बंद पड़ी हैं। अधिकांश सीएचसी में मशीन शोपीस बनकर रह गई हैं। सीएमओ डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि हेल्थ एटीएम की स्टिक व अन्य सामान पुणे की कंपनी उपलब्ध कराती है। कई बार पत्र भेजकर डिमांड की गई है लेकिन सामान उपलब्ध नहीं कराया गया है। इस संबंध में डीएम को भी पत्र भेजा गया है।
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हेल्थ एटीएम में इन जांचों की है सुविधा
हेल्थ एटीएम मशीन से मरीज सिर्फ 10 मिनट में जांच रिपोर्ट प्राप्त कर सकता है। मशीन से पल्स रेट, हाइट, बॉडी इंडेक्स, ब्लड प्रेशर, मेटाबॉलिक एज, बॉडी फैट, हाईड्रेशन, मसल मॉस, तापमान, ऑक्सीजन की मात्रा, ग्लोकज, हीमोग्लोबिन, लिपिड प्रोफाइल, रैपिडटेस्ट, यूरिन टेस्ट, गर्भावस्था, मलेरिया, टाइफाइड जैसे टेस्ट भी किए जा सकते हैं।
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छिबरामऊ, तालग्राम और सौरिख का यह है हाल
छिबरामऊ और तालग्राम की सीएचसी में लगे हेल्थ एटीएम चालू हैं। तालग्राम में मशीन लगे हुए एक साल होने को है, लेकिन यहां पर सिर्फ 100 जांचें ही हो सकी हैं। एलटी वीरपाल ने बताया कि सीएचसी में वह इकलौते लैब टेक्नीशियन हैं। लैब में जांच के लिए भीड़ अधिक आ रही है। जिस कारण से हेल्थ एटीएम से जांच कम हो पा रही है। सौरिख में मशीन बंद पड़ी थी। वहां के एलटी संतोष के मुताबिक पिछले महीने ही स्टिक उपलब्ध करवाई गई है। छिबरामऊ में भी अब मशीन चालू हालत में है।
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तिर्वा में बंद पड़ी है मशीन
तिर्वा सीएचसी में भी मरीजों के लिए हेल्थ एटीएम लगाया गया था। मशीन कुछ दिन तक को ठीक-ठाक चली, लेकिन पार्ट में खराबी आने के बाद मशीन बंद हो गई। जिम्मेदारों ने उसे ठीक कराने की बजाए ताले में बंद कर रखा है।