कन्नौज। उद्योग व्यापार मंडल ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। पदाधिकारियों ने नजूल संपत्तियों के अधिग्रहण करने संबंधी प्रदेश की राज्यपाल ने सात मार्च को अध्यादेश जारी किए जाने को लेकर सीएम को संबोधित ज्ञापन डीएम शुभ्रांत शुक्ल को सौंपा।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष रामजी अग्रवाल ने बताया कि अध्यादेश को लेकर पूरे प्रदेश के व्यापारी, उद्यमी व समाज के सभी वर्गों के लोगों में बेहद चिंता व रोष है। बीते 100 सालों से भी अधिक समय से लेकर पूरे प्रदेश में नजूल संपत्तियों का उपयोग समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा व्यापारिक, औद्योगिक व रिहायशी के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि व्यापार मंडल इस अध्यादेश का विरोध करता है। यह लोकहित में नहीं है।
नजूल संपत्तियों के अधिग्रहण करने से जहां व्यापार और उद्योग पर बेहद विपरीत असर होगा। वहीं कई पीढि़यों से रह रहे लोगों को आवास की समस्या भी होगी। आवास विकास परिषद की रिहायशी भूखंड जो व्यवसायिक गतिविधियों में परिवर्तित हो गए हैं। उद्योग व्यापार मंडल ने कहा कि इस अध्यादेश को अविलंब वापस लिया जाए और मांग करता है कि पूर्व की भांति नजूल संपत्तियों को फ्री होल्ड करने की योजना दोबारा शुरू की जाए।
कहा कि अपने पड़ोसी राज्य उत्तराखंड, मध्य प्रदेश व राजस्थान में भी नजूल संपत्तियों को फ्री होल्ड करने की योजना चल रही है। इस दौरान जिला कोषाध्यक्ष यतीश स्वरूप सक्सेना, जिला महामंत्री सुशील दुबे, रतन गुप्ता, पुनीत गुप्ता, अविनाश तिवारी, प्रदीप वर्मा, कपिल गुप्ता आदि मौजूद रहे।