कन्नौज। आठ साल पहले शहर में जुआ के फड़ से बरामद सोने की जंजीर व अंगूठी कोतवाली में बदल गई। कोर्ट के आदेश पर जब पीड़ित को थैली दी गई तो वह खुली हुई थी, उसमें रखी जंजीर व अंगूठी भी नकली निकली। तब उसने दोनों चीजें लेने से मना कर दिया। अब इसकी जांच शुरू हो गई है। यह मामला शहर में सुर्खियों में है।
शहर के मोहल्ला पकरिया टोला निवासी पूर्व विधायक कल्यान सिंह दोहरे के पुत्र उदय प्रताप सिंह ने पुलिस महानिदेशक से शिकायत की थी कि वर्ष 2016 में राजनीतिक रंजिश के कारण जुआ अधिनियम के तहत फर्जी मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें पुलिस ने 50 ग्राम वजन की सोने की एक चेन और 10-10 ग्राम की दो अंगूठियां फड़ से बरामद दिखाई गई थी। उनके साथ ही दो अन्य लोगों की जंजीर व अंगूठी भी सदर कोतवाली के मालखाने में जमा की गई थी। पूरा पैकेट सील कर रख दिया गया था। पिछले महीने मई में कोर्ट के आदेश पर वह चेन व अंगूठी लेने कोतवाली पहुंचे तो मालखाना के मुंशी रामपाल सिंह यादव ने नकली जेवरात थमा दिए। पैकेट पहले से ही खुला हुआ था। उन्होंने नकली जेवरात लेने से इनकार कर दिया और कोर्ट में शिकायत की। कोर्ट ने पुलिस से पैकेट खोलने के साक्ष्य के तौर पर वीडियो और फोटो मांगे, लेकिन पुलिस नहीं दिखा सकी। पीड़ित का आरोप है कि कोर्ट रूम के बाहर तत्कालीन कोतवाली प्रभारी राजकुमार सिंह ने उन्हें धमकाया और गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा लिखने की धमकी दी। उनकी शिकायत पर डीजीपी ने कन्नौज पुलिस से रिपोर्ट मांगी है। सीओ सदर डॉ. प्रियंका वाजपेयी ने कहा कि प्रकरण संज्ञान में नहीं आया है। आदेश मिलते ही नियमानुसार जांच की जाएगी।