जलालाबाद। जेल से रिहा होकर बहन के साथ घर जा रहे गैंगस्टर पर पहले से घात लगाए बदमाशों ने जेल के बाहर हमला कर दिया। जानकारी पर जेल चौकी पुलिस ने दोनों को ऑटो पर बैठा दिया। उन्हीं हमलावरों ने रास्ते में उसे ऑटो से उतार कर कार में डालकर इंदरगढ़ ले गए। वहां उसके साथ मारपीट की गई। रात में बदमाशों के चंगुल से भाग कर कन्नौज आया। मोबाइल से जानकारी पर परिजन यहां आकर उसे अपने साथ ले गए।
कानपुर के इमली बिधूना निवासी गैंगस्टर दिनेश प्रजापति यहां अनोगी स्थिति जिला कारागार में गैंगस्टर के मामले में पहली मई 2022 से बंद था। पिछले दिनों जमानत मिलने पर सोमवार की शाम करीब सात बजे जेल से रिहा हुआ था। बहन रेनू प्रजापति उसे साथ लेकर जा रही थी। बहन रेनू के मुताबिक जेल से थोड़ा निकलने पर ही रास्ते में छह-सात लोगों ने उस पर हमला कर दिया। दोनों किसी तरह बचकर जेल चौकी पहुंचे। चौकी इंचार्ज रज्जन लाल ने दोनों भाई-बहन को जसोदा ले जा कर ऑटो-रिक्शा पर बैठा दिया। आरोप है कि रास्ते में जलालपुर टोल प्लाजा से कुछ दूर उन्हीं हमलावरों ने ऑटो-रिक्शा को रुकवा कर दिनेश को उतारा और वैगन-आर गाड़ी में बैठाकर ले गए। बाद में बहन रेनू ने जलालपुर चौकी पहुंच कर घटना बताई। उसने बताया की गाड़ी सवार लोगों ने उसके भाई दिनेश को इंदरगढ़ ले जा कर पीटा। वह किसी उनके चंगुल से निकल कर कन्नौज पहुंचा और किसी के मोबाइल फोन से परिजनों को जानकारी दी। दिनेश की बहन ने जेल में बंद एक युवक का नाम लेकर उसी पर हमला करवाने का आरोप लगाया है। हालांकि सदर कोतवाली से लेकर गुरसहायगंज कोतवाली तक गुहार नहीं सुनी गई है। इस बारे में एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। पता करके इसकी जांच करवाई जाएगी।