मानीमऊ। पिछले कई दिनों से गंगा के जलस्तर में तेजी से इजाफा हुआ है। मेहंदीघाट के दूसरे छोर पर स्थित कासिमपुर गांव में गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। ऐसे में जिला प्रशासन ने गांव खाली करने को कहा है। लोगों ने अपना सामान दूसरी जगह पहुंचाना शुरू कर दिया है। बुधवार दोपहर तीन बजे गंगा का जलस्तर 125.710 सेंटीमीटर दर्ज किया गया जो खतरे के निशान से 26 सेंटीमीटर अभी दूर है।
देश के उत्तरी इलाके में लगातार हो रही बारिश का असर अब यहां दिखने लगा है। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश से गंगा का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। गंगा का जल स्तर खतरे के निशान के पास पहुंच चुका है। लगातार बढ़ते जल स्तर को देखते हुए जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। जिला प्रशासन ने गंगा के किनारे बसे गांव के बाशिंदों को सतर्क रहने के निर्देश दिया है। इसी कड़ी में बुधवार को गंगा का जल स्तर चेतवनी बिंदु पार कर के खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। मेहंदीघाट के पक्के घाट की सात सीढ़ियां बची हैं। कासिमपुर गांव के अंदर पानी घुसने पर प्रशासन ने सभी ग्रामीणों को गांव खाली कराने के निर्देश दिए हैं। सदर तहसील के नायब तहसीलदार व लेखपालों की टीम कासिमपुर गांव को खाली करने में जुटी हुई है। लोग अपनी गृहस्थी का सामान नाव की मदद से निकाल रहे हैं। जिला प्रशासन ने बाढ़ पीड़ितों के लिए दोपहर में चावल की तहरी बनवा कर बांटी। नायब तहसीलदार भूपेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि एहतियात के सभी कदम उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों को सड़क के दूसरी ओर बक्शीपुरवा में बने राहत कैंप में शिफ्ट करवाया गया है।